पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लगी विरोध की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है. आज इस आंदोलन का 28वां दिन है और गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. रावलाकोट में हजारों की भीड़ सड़कों पर उतरी और वहां एक ऐसा नजारा दिखा जिसने सबको हैरान कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की मशहूर कविता सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है गाकर पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली.
रेंजर्स की अंधाधुंध फायरिंग से गुस्साए लोग
इस प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले डड्याल में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तान रेंजर्स ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी. इस गोलीबारी में एक शख्स की जान चली गई और 14 लोग लहूलुहान हो गए. इस घटना ने आग में घी का काम किया. इसके बाद कोटली, बाग और रावलाकोट जैसे कई इलाकों में प्रदर्शनकारी सुलग उठे. भारी संख्या में महिलाएं भी घर छोड़कर प्रदर्शनों में शामिल हो गईं हैं.
8 जुलाई तक का दिया अल्टीमेटम
अब इस आंदोलन की कमान संभाल रही संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार को सीधे शब्दों में 8 जुलाई तक का अल्टीमेटम दे दिया है. कमेटी के नेता सरदार इम्तियाज़ आलम ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो 9 जुलाई से पूरे पीओके में ऐसा आंदोलन शुरू होगा. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस प्रदर्शन को संभालना सुरक्षा एजेंसियों के बस में नहीं होगा. 
सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए 5 जून से पूरे इलाके में इंटरनेट बंद कर रखा है, ताकि लोग एक-दूसरे से जुड़ न सकें. लेकिन प्रदर्शनकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि बिना इंटरनेट के भी 9 जून से रावलाकोट के ईदगाह मैदान में लगातार डटे हुए हैं. 
-Legend News

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