रिपोर्ट : LegendNews
370 के खात्मे की सातवीं वर्षगांठ पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी उगला जहर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान का हक जताते हुए भारत पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत से अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करने को भी कहा है। शहबाज शरीफ ने भारत पर जम्मू और कश्मीर में डेमोग्राफी को बदलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कश्मीरी लोगों के प्रति अपने कथित समर्थन को भी दोहराया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का जिक्र किया। इस दौरान शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शन, पुलिस की बर्बरता और आम नागरिकों की हत्या पर चुप्पी साधे रखी।
शहबाज शरीफ ने उगला जहर
शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, "भारत द्वारा 5 अगस्त 2019 को भारत के जम्मू-कश्मीर में उठाए गए 'एकतरफा' और 'गैर-कानूनी' कदमों को सात साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में, कोई भी बयानबाजी जम्मू-कश्मीर के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर माने गए 'विवादित' दर्जे को नहीं बदल सकती और न ही अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों में दिए गए वहां के लोगों के अधिकारों को नकार सकती है।"
कश्मीर में डेमोग्राफी बदलने का आरोप लगाया
उन्होंने आगे लिखा, "IIOJK में सच्चाई यह है कि लंबे समय से भारी सैन्य मौजूदगी और कठोर कानूनों की वजह से भारत वहां की मुस्लिम-बहुमत वाली स्थिति को बदलने के लिए 'डेमोग्राफिक इंजीनियरिंग' (जनसांख्यिकीय बदलाव) कर रहा है। साथ ही, कश्मीरी लोगों की आवाज दबाने और उनकी पहचान मिटाने की सुनियोजित कोशिशें भी की जा रही हैं। विकास के खोखले और बिना सबूत वाले दावे, जम्मू-कश्मीर के लोगों के उस बुनियादी अधिकार की जगह नहीं ले सकते जिसके तहत वे संयुक्त राष्ट्र के निर्देशानुसार एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के ज़रिए अपना भविष्य खुद तय कर सकते हैं।"
भारत पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया
शहबाज शरीफ ने आखिर में कहा "पाकिस्तान कश्मीरी लोगों के न्यायपूर्ण संघर्ष के लिए अपना अटूट समर्थन दोहराता है और भारत से मांग करता है कि वह अपने गैर-कानूनी कदमों को वापस ले, मानवाधिकारों का उल्लंघन बंद करे और ऐसे हालात बनाए जिनसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो सके।"
अनुच्छेद 370 का निरसन
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 जम्मू और कश्मीर राज्य को एक विशेष और अलग दर्जा देता था। 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने इस अनुच्छेद को हटा दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर का शेष भारत से अलग संविधान और झंडा था। भारतीय संसद के पास रक्षा, विदेश और संचार मामलों को छोड़कर अन्य कानूनों को लागू करने के लिए राज्य सरकार की सहमति की जरूरत होती थी। अब पूरा भारतीय संविधान वहां लागू है और देश के बाकी हिस्सों की तरह वहां भी समान कानून काम करते हैं।
-Legend News

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