पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने 2026 के मोस्ट वांटेड आतंकियों की नई लिस्ट जारी की है। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का नाम भी शामिल किया गया है। एफआईए ने अजहर पर घोषित इनाम को 20 लाख पाकिस्तानी रुपये बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक यह कदम अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FTF) की बैठक से पहले उठाया गया है। पाकिस्तान पर दोबारा ग्रे लिस्ट में जाने का खतरा न बने, इसके लिए वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई दिखाने की कोशिश कर रहा है। भारतीय सूत्रों का कहना है कि अजहर को सूची में डालना सिर्फ दिखावा हो सकता है। 
पाकिस्तान 2021 से यह दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है और अफगानिस्तान भाग गया है। उसी साल FIA ने उस पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम रखा था। अब 5 साल बाद यह रकम बढ़ाकर 70 लाख कर दी गई है। भारत में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे अजहर को मास्टरमाइंड बताया जाता है, जिनमें 14 फरवरी 2019 का पुलवामा हमला भी शामिल है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के पिछले छह महीनों के तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक अजहर अफगानिस्तान में नहीं बल्कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हुआ है। एफआईए की नई रेड बुक में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी हैं। इनमें हमलावरों की मदद करने, उन्हें पैसे देने या नावों का इंतजाम करने वाले लोग शामिल हैं। 
26/11 से जुड़े 17 आतंकियों के नाम
सूत्रों के मुताबिक, 26/11 से जुड़े 17 आतंकियों के नाम तस्वीरों और उनकी भूमिका के साथ सूची में मौजूद हैं। 2 लोगों के मामले में तस्वीरें, लश्कर-ए-तैयबा से संबंध और उनकी भूमिका की जानकारी हटा दी गई है। इनमें तुरबत के मुहम्मद खान का नाम है, जिसने हमलावरों को मुंबई पहुंचाने के लिए अल-हुसैनी नाव उपलब्ध कराई थी। इसी तरह बहावलनगर के अब्दुल रहमान की तस्वीर और लश्कर से उसका संबंध हटाया गया है।
लिस्ट में समुद्र के रास्ते हमलावरों को पहुंचाने में मदद करने वाले 11 लश्कर आतंकियों के नाम हैं। 6 अन्य आतंकियों पर हमले के लिए आर्थिक मदद देने का आरोप है। इनमें मुहम्मद इफ्तिखार अली ने वीओआईपी कनेक्शन के लिए 70 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च किए थे। मोहम्मद जिया ने 80 हजार, मोहम्मद अब्बास नासिर ने 2.53 लाख, जावेद इकबाल ने 1,86,430 रुपये, मुख्तार अहमद ने 2,98,047 रुपये और अहमद सईद ने 21 लाख रुपये दिए थे। 
मोस्ट वांटेड आतंकियों की संख्या 35% बढ़ी
FIA के मुताबिक 26/11 से जुड़े सभी 17 आतंकी 18 साल से फरार हैं। सूत्रों का दावा है कि भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास जानकारी है कि ये सभी अब भी पाकिस्तान में हैं। उनका कहना है कि इन्हें मोस्ट वांटेड सूची में डालना अंतर्राष्ट्रीय दबाव को कम करने की कोशिश हो सकती है। पाकिस्तान की सूची में 5 साल में मोस्ट वांटेड आतंकियों की संख्या 35 फीसदी बढ़ी है। 2021 की रेड बुक में 1330 नाम थे, जबकि नई लिस्ट में यह संख्या 1804 हो गई है। 
-Legend News

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