पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत के खिलाफ जहर उगला है और नई दिल्ली पर पानी के हथियारीकरण का आरोप लगाया है। दोहा में सामाजिक विकास के लिए दूसरे विश्व शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए जरदारी ने यह बात कही। उन्होंने सिंधु जल संधि के बार-बार उल्लंघन का आरोप लगाया और इसे 24 करोड़ पाकिस्तानियों के लिए गंभीर खतरा बताया। पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर को लेकर प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए भी किया।
कश्मीर को लेकर उगला जहर
जरदारी ने कश्मीर के लोगों के साथ पाकिस्तान की एकजुटता दोहराई। शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की और कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। गुटेरेस ने शांति अभियानों में पाकिस्तान के योगदान की तारीफ की और आतंकवाद से निपटने के उसके प्रयासों के साथ एकजुटता व्यक्त की। 
भारत के कदम से मुश्किल में पाकिस्तान
बैठक के दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टे जरदारी ने सिंधु जल संधि के तहत भारत के जल-बंटवारे के दायित्वों को स्थगित करने का मुद्दा उठाया और चेतावनी दी कि नई दिल्ली की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान के लोगों के लिए मुश्किल खड़ी की है। भारत ने इसी साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ 60 सालों से चली आ रही सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। 
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे और इसे द रेजिस्टेंस फ्रंट नामक आतंकवादी संगठन ने अंजाम दिया था। TRF पाकिस्तान की जमीन से चलने वाले लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है। इस हमले के बाद 7 मई की सुबह तड़के भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकवादी संगठनों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद पाकिस्तान और भारत में चार दिनों का छोटा लेकिन तीव्र सैन्य संघर्ष शुरू हो गया था, जो 10 मई को संघर्ष विराम के साथ रुका। 
-Legend News

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