रिपोर्ट : LegendNews
पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और पाकिस्तानी बलों की बर्बरता पर कड़ा रुख अपनाया है. मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का दमनकारी रवैया और अवैध कब्जा ही इन हालात की जड़ है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओके के कई इलाकों से विरोध प्रदर्शनों और आम नागरिकों पर पाकिस्तानी फौज की ज्यादती की खबरें आई हैं. यह सब पाकिस्तान की नीतियों का नतीजा है, जहां वह स्थानीय संसाधनों का शोषण करता है और जनता पर अत्याचार करता है. भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि पीओके पर पाकिस्तान का कब्जा पूरी तरह जबरन और गैरकानूनी है और वहां लोगों की आवाज को दबाने की उसकी कोशिश दुनिया के सामने उजागर हो रही है.
बांग्लादेश सरकार के आरोपों पर भारत का पलटवार
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के गृह सलाहकार जाहंगीर आलम चौधरी के बयानों को भी सख्ती से खारिज कर दिया है. मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही है और अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए बार-बार दूसरों पर ठीकरा फोड़ती है. जैसवाल ने साफ कहा कि ढाका सरकार को चाहिए कि वह आत्ममंथन करे और गंभीरता से जांच कराए कि किस तरह स्थानीय उग्रवादी चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले, आगजनी और जमीन कब्जाने जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. भारत ने दोहराया कि वह इन झूठे आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है और चाहता है कि बांग्लादेश पहले अपने भीतर झांके.
MEA प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी को 9 से 16 अक्टूबर तक भारत दौरे की छूट UNSC से मिली है. इस पर आगे अपडेट साझा किया जाएगा.
बिश्नोई गिरोह पर भारत-कनाडा में बातचीत
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नताली ड्रूइन से मुलाकात कर आतंकवाद और संगठित अपराध पर गंभीर चर्चा की. बैठक में बिश्नोई गिरोह से जुड़े मुद्दों सहित अंतरराष्ट्रीय अपराध, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया. दोनों पक्षों ने मौजूदा सुरक्षा तंत्र को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई और कहा कि आपसी सहयोग से सीमा पार अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर काबू पाया जा सकेगा. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और कनाडा इन मुद्दों पर लगातार संपर्क में हैं.
-Legend News

Recent Comments