एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक प्रावधानों की तुलना करते हुए नागरिकों से समान अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबर अवसर देता है जबकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पद के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं।
ओवैसी ने प्रधानमंत्री पद को लेकर कही ये बात ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ लिखा है कि केवल एक विशेष धर्म का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया। संबोधन के दौरान एआईएमआईएम चीफ ने कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि यह सपना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना को दर्शाता है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर देता है। ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान धर्म, जाति या पहनावे के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं देता।
इस दौरान ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिया रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के जरिए ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी असली पहचान है और इसे कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करने की जरूरत है। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। ओवैसी के इस बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने उनके बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। राणे ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं न तो प्रधानमंत्री बनेंगी और न ही मुंबई की मेयर। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे पदों की इच्छा रखते हैं, उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए। नितेश राणे की टिप्पणी पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत किसी व्यक्ति की सोच से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है। पठान ने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी के बयान में कुछ भी गलत नहीं है और AIMIM किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है। 
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).