तमिलनाडु में चुनावी माहौल के दौरान अब तक करीब 800 करोड़ रुपए की नकदी, कीमती सामान और अवैध वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनावों के मुकाबले लगभग दोगुना है।
चुनाव विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 2021 के चुनाव में 446.28 करोड़ रुपए के उपहार और कीमती धातुएं बिना वैध दस्तावेज के जब्त की गई थीं। इसके अलावा 236.70 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी भी पकड़ी गई थी। खास बात यह रही कि जब्त किए गए सामान में से 50 प्रतिशत से ज्यादा बाद में सही दस्तावेज दिखाने पर लोगों को वापस लौटा दिए गए थे। उस समय कुल जब्ती में केवल सोने की हिस्सेदारी ही 173.19 करोड़ रुपए की थी।
वहीं, इस बार स्थिति और ज्यादा सख्त नजर आ रही है। बुधवार तक करीब 800 करोड़ रुपए की जब्ती हो चुकी है, जिसमें नकदी, आभूषण, नशीले पदार्थ और शराब शामिल हैं। अब तक 126.64 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी भी जब्त की गई है, जिसके पास वैध कागजात नहीं थे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का सामान जब्त हुआ है, वे जरूरी दस्तावेज दिखाकर उसे वापस ले सकते हैं। अब तक करीब 400 करोड़ रुपए की जब्त सामग्री (जिसमें नकदी और कीमती धातुएं शामिल हैं) जांच के बाद लौटाई भी जा चुकी है। इससे यह भी पता चलता है कि सख्ती के साथ-साथ सही लोगों को राहत देने की व्यवस्था भी मौजूद है।
यह पूरी कार्रवाई राज्यभर में तैनात फ्लाइंग स्क्वॉड, स्थिर निगरानी टीमों और आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर ये टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। वे लगातार वाहनों की जांच कर रही हैं, परिवहन मार्गों पर नजर रख रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान मतदाताओं को नकदी या अन्य प्रलोभन देने की कोशिशों को रोकना है। एक अधिकारी ने कहा, हम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। 
-Legend News

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