आप्रवासी विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद शनिवार को ब्रिटेन में 90 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हल, लिवरपूल, ब्रिस्टल, मैनचेस्टर, ब्लैकपूल और बेलफास्ट में दुकानों को लूटा गया और पुलिस अधिकारियों पर हमले किए गए. लेकिन सारे प्रदर्शन हिंसक नहीं थे.
प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने नफ़रत फैलाने का प्रयास करने वाले अतिवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को लेकर पुलिस को सरकार का पूरा समर्थन देने का वादा किया है.
सोमवार को साउथपोर्ट के मर्सीसाइड में टेलर स्विफ्ट थीम पार्टी में हुई तीन लड़कियों की हत्या के बाद से तनाव काफ़ी बढ़ा हुआ है.
लिवरपूल में पुलिस वालों पर ईंटें, बोतलें और फ्लेयर फेंके गए, कुर्सी फेंके जाने से एक पुलिस वाले के सिर में भी चोट आई और दूसरे पुलिसकर्मी को लात मारकर बाइक से गिरा दिया गया.
मर्सीसाइड पुलिस ने कई पुलिस कर्मियों के घायल होने की पुष्टि की है. पुलिस का कहना है कि दो कर्मियों को अस्पताल ले जाया गया है. एक कर्मी की नाक टूटने और दूसरे कर्मी का जबड़ा टूटने की आशंका है. मर्सीसाइड पुलिस ने कहा है कि उसने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है.
शनिवार को हुई सरकार के मंत्रियों की बैठक में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के प्रवक्ता ने कहा था कि, पीएम ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार और जो हिंसा हम देख रहे हैं दोनों अलग चीज़ें हैं.
पीएम ने आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस को सरकार का समर्थन देने की बात कही थी.
-Legend News

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