नई द‍िल्ली। खाड़ी संकट को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने आज सोमवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा अखिलेश यादव और कुछ अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए। विपक्ष ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर इंडिया नीड्स लीडरशिप, नॉट साइलेंस (भारत को नेतृत्व की जरूरत, चुप्पी की नहीं) लिखा हुआ था।

संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हंगामे के साथ हुई है। पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार पर इकट्ठा हुए। एक बड़ा बैनर पकड़े हुए विपक्षी सदस्यों ने पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "खाड़ी के देश जल रहे हैं, भारतीय फंसे हुए हैं और केंद्र सरकार चुप है।" पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "आज भारत को ऐसे लीडरशिप की जरूरत है, जो देश के हितों की रक्षा कर सके। केंद्र सरकार का डर देश को नुकसान पहुंचा रहा है।"

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "जब संसद के बजट सेशन का अंतराल हुआ था तब विषय अलग थे और आज के युद्धकालीन हालातों की वजह से संकट के इस माहौल में हमारी प्राथमिकता युद्ध के संदर्भ में देश का पक्ष व राय और विदेश नीति के गिरवी रखने का विषय होनी चाहिए।"

उन्होंने आगे लिखा, "⁠तेल जैसी आपूर्ति पर आत्मनिर्णय की जगह अमेरिकी आदेश का आना, हमारी संप्रभुता और आत्मनिर्भरता का प्रश्न, युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे वहां कार्यरत भारतीय या पर्यटक बनकर गए भारत के नागरिकों की सुरक्षा व उन्हें सकुशल भारत लाने का सवाल भी प्राथमिकता का विषय होना चाहिए। इन प्राथमिकताओं में युद्ध शुरू होने के कारण भारत न लौट पाए पत्रकारों व मीडियाकर्मियों को सुरक्षित देश वापस लाने का प्रश्न और ⁠युद्ध के कारण जरूरी आपूर्ति को नियमित व सुनिश्चित करने के साथ ही उनके बढ़ते दामों को नियंत्रित करने का विषय भी होना चाहिए।"

सोमवार को संसद के दोनों सदनों में भी हंगामा देखने को मिला। मिडिल ईस्ट के संघर्ष पर विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से जवाब दिए जाने के समय विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया। इसी तरह, लोकसभा में भी विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया।

- Legend News

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