रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर को किसी चीज की कमी से नहीं, बल्कि भारत की मर्जी और शर्तों से रोका गया था। साथ ही उन्होंने कहा है कि भारतीय सेना जरूरत पड़ने पर कितनी भी लंबी जंग लड़ने के लिए तैयार थी। बीते साल अप्रैल में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर का आगाज किया था, जिसके तहत पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकाने तबाह कर दिए गए थे। 
रक्षा मंत्री सिंह ने गुरुवार को कहा, मैं यहां फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमने वह ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया कि हमारी क्षमता कम हो गई थी। हमने उसे अपनी मर्जी से अपनी शर्तों पर रोका। अगर जरूरत पड़ती, तो हम लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह से तैयार थे। हमारी सर्ज कैपेसिटी यानी अचानक जरूरत के समय, क्षमता विस्तार करने की ताकत भी, हमारे पास मौजूद थी। थी ही नहीं, बल्कि अभी भी है और पहले से और अधिक दुरुस्त है।
एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर दुश्मन के मन में डर पैदा करने या डिटरेंस का एक ठोस उदाहरण था। मुझे 'डिटरेंस' के बारे में सिर्फ एक ही लाइन याद आती है: 'भय बिन होय न प्रीत', जिसका अर्थ है कि डर के बिना प्रेम या सम्मान पैदा नहीं हो सकता। यही डिटरेंस का असली सार है।' उन्होंने कहा, यही बात अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर भी लागू होती है। दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए एक शक्तिशाली 'डिटरेंस' बेहद जरूरी है। वह न्यूज़ एजेंसी एएनआई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2.0 को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एआई की क्षेत्र में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ''हमने हमेशा देखा है कि पाकिस्तान जैसे देश लगातार आतंकवाद को समर्थन देते आए हैं। यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय आजाद हुए, लेकिन आज भारत को पूरी दुनिया में जहां IT यानी Information Technology के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान दूसरी IT यानी कि International Terrorism का मरकज माना जाता है।''
उन्होंने कहा, जब तक आतंकवाद है, यह हमारी सामूहिक शांति, विकास और समृद्धि को चुनौती देता रहेगा। कई बार आतंकवाद को मजहबी मुलम्मे में लपेटकर या किसी हिंसक विचारधारा से जोड़कर उसे जायज ठहराने का प्रयास किया जाता है। मैं मानता हूं कि यह बहुत खतरनाक है और यह एक प्रकार से आतंकवादियों को कवर फायर देने जैसा है ताकि वो अपने लक्ष्य की तरफ धीरे धीरे आगे बढ़ते रहें।
मानवता पर कलंक है आतंकवाद
रक्षा मंत्री ने कहा, ''आतंकवाद एक विकृत मानसिकता है। यह पूरी मानवता पर कलंक है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सुरक्षा से जुड़ा सवाल नहीं है, यह मानवता के मूलभूत मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। यह उस बर्बर सोच के खिलाफ लड़ाई है, जो सभी मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। हमने देश में और विदेशों में भी भारत की इस सोच को पूरी ताकत से रखा है।''
आतंक के खिलाफ भारत का स्टैंड क्लियर
भारतीय सेना के सौर्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में हमारी सरकार का यह स्टैंड रहा है कि किसी भी आतंकी गतिविधि को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और पहलगाम की घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर की कार्यवाई की है।''
ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी
सिंह ने कहा कि 'बेशक 'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ 72 घंटों में पूरा हो गया लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि इसके पीछे की तैयारियां बहुत लंबी थीं। जैसा कि मैंने अभी कहा, अगर जरूरत पड़ी तो हम एक लंबी जंग लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।' 
तीनों सेनाओं को सराहा
उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर, हमारी सेनाओं के बीच एकजुटता की भी एक मिसाल थी। थल सेना, वायुसेना, नौसेना, सभी ने एक साथ, एक योजना के तहत, यह दिखा दिया कि भारत की सैन्य शक्ति अब साइलोज में काम नहीं करती, बल्कि यह एक साझा, आपस में जुड़ी हुई और वैश्विक ताकत के रूप में उभर चुकी है।' 
पाकिस्तान पर कसा तंज
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को भी आतंकवाद का हब बताया है। उन्होंने कहा, 'हमने हमेशा देखा है कि पाकिस्तान जैसे देश लगातार आतंकवाद को समर्थन देते आए हैं। यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय आजाद हुए लेकिन आज भारत को पूरी दुनिया में जहां IT यानी Information Technology के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान दूसरे IT यानी International Terrorism का मरकज माना जाता है।' 
-Legend News

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