रिपोर्ट : LegendNews
पीएम मोदी ने BRICS के अंतिम दिन जिनपिंग के सामने दी चीन को चेतावनी
18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी देश का नाम लिए बिना वैश्विक मंच पर एक बेहद सख्त और रणनीतिक संदेश दिया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी ने तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स (दुरुह खनिजों/रेयर अर्थ) को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि तकनीक के इस्तेमाल में समावेशिता होनी चाहिए, न कि किसी देश का एकाधिकार।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों पर नियंत्रण कसने से दुनिया के साझा विकास और प्रगति की रफ्तार थम सकती है।
शी जिनपिंग के सामने चीन के एकाधिकार पर तंज!
भले ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे सीधे तौर पर बीजिंग के लिए संदेश माना जा रहा है।
चीन के पास दुनिया के 90% से अधिक रेयर अर्थ की रिफाइनिंग क्षमता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), एआई डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर बनाने में इस्तेमाल होने वाले इन खनिजों पर चीन का एक छत्र राज है।
अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के दौरान चीन ने कई बार एडवांस तकनीक में इस्तेमाल होने वाले इन रेयर अर्थ खनिजों के निर्यात पर पाबंदियां लगाई हैं।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी एक देश द्वारा इन संसाधनों को कूटनीतिक या व्यापारिक हथियार बनाना 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) की प्रगति में बाधा उत्पन्न करता है।
स्टार्टअप्स और किसानों के लिए ब्रिक्स में 3 बड़ी पहल
अपने समापन भाषण में पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के साझा विकास के लिए कई व्यावहारिक योजनाओं का प्रस्ताव रखा।
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर समाधान खोजने के लिए एक विशेष फंड बनाने का प्रस्ताव।
सदस्य देशों के स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ने के लिए नेटवर्क की स्थापना।
किसानों के लिए एआई (AI), भू-स्थानिक तकनीक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को जमीनी जरूरतों से जोड़ना।
"ग्लोबल साउथ का भरोसा ब्रिक्स पर बढ़ा है"
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की असली ताकत उसकी विविधता और सहयोग में है।
उन्होंने कहा, "मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव से कह सकता हूं कि 'ग्लोबल साउथ' के देशों का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि यहां उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान होता है और समाधान केवल उनके लिए नहीं बल्कि उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं। हमारी विविधता हमारी पहचान बनी रहे और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए।"
-Legend News

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