रिपोर्ट : LegendNews
परिसीमन पर पीएम मोदी ने संसद में कहा: गांरटी चाहिए तो गारंटी दूंगा, और वादा चाहिए तो वादा करुंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने के लिए राज्यों को हर तरह से भरोसा दिलाने की कोशिश की है। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा है कि वह वादा करते हैं कि परिसीमन को लेकर होने वाले निर्णय प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए विधेयकों पर अपने संबोधन में बहुत ही दमदार तरीके से अपनी सरकार का पक्ष रखा है और सभी सांसदों को यकीन दिलाया है कि वह इसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं करेंगे और न ही किसी के साथ भेदभाव होने देंगे।
परिसीमन में पुराना अनुपात जारी रहेगा
पीएम मोदी ने कहा, "इस पवित्र जगह से कहना चाहता हूं...ये निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करेगी। ये निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी..भूतकाल से जो परिसीमन का अनुपात चला आ रहा है, उस अनुपात में भी कोई बदलवा नहीं होगा।"
पीएम ने कहा, अगर गारंटी शब्द चाहिए तो मैं गारंटी शब्द उपयोग करता हूं। वादा की बात करते हो तो मैं वादा शब्द उपयोग करता हूं। अगर तमिल में कोई अच्छा शब्द हो तो वो भी मैं बोलने के लिए तैयार हूं क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की हमें जरूरत नहीं है।
विरोध करेंगे तो राजनीतिक फायदा मुझे मिलेगा
पीएम मोदी ने संसद में साफ तौर पर कहा कि वह चाहते हैं कि महिलाओं को उनका हक मिले और वह इसका क्रेडिट भी नहीं चाहते। यहां कुछ लोगों को लगता है कि इसमें मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है..इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, लेकिन अगर साथ चलेंगे तो किसी को कोई राजनीतिक फायदा नहीं होगा....हमें क्रेडिट नहीं चाहिए।
मुझे क्रेडिट नहीं लेना, क्रेडिट आप लो
पीएम मोदी ने यहां तक कहा कि अगर क्रेडिट लेना चाहता है तो विपक्ष ले, वो तो किसी तरह से सिर्फ इस बिल को पारित करवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'जैसे ही बिल पारित हो जाए, मैं विज्ञापन देकर कल ही सबका धन्यवाद करने को तैयार हूं...सबकी फोटो छपवाने के लिए तैयार हूं....क्रेडिट आप ले लो...आपको जिसकी भी फोटो छपवानी है...मैं सरकारी खर्चे से उन्हें छपवाने को तैयार हूं।'
पीएम मोदी के भाषण की अन्य बड़ी बातें
हम अहंकार में न रहें कि नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं...यह उनका हक है।
हमने कई दशकों से इसे रोका है, इसे पारित कराना पाप से प्रायश्चित कर पाप मुक्ति का अवसर है।
आज देश जो प्रगति कर रहा है, उनमें पंचायतों, शहरी निकायों में काम करने वाली महिलाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है, इस ऋण को हमें स्वीकार करना चाहिए।
-Legend News

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