कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी दबाव बनाने वाले समूह के रूप में काम करेगी क्योंकि इस समय देश को इसी की जरूरत है। दीपके ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक से पहले संवाददाताओं से कहा कि बैठक में मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं में लोगों के घटते भरोसे पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में एथेनॉल मिश्रित ईंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
दीपके ने कहा, ''फिलहाल सीजेपी दबाव बनाने वाले एक समूह के रूप में काम करेगी क्योंकि इस समय भारत को दबाव बनाने वाले एक समूह की ही जरूरत है।'' सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी पार्टी के मार्गदर्शक बने रहेंगे और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी उनसे सलाह लेती रहेगी। दास ने कहा कि वे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षाओं संबंधी अन्य अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हालिया प्रदर्शनों में शामिल विद्यार्थियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकियां वापस लेने की मांग भी करेंगे। उन्होंने कहा, ''हम इस मुद्दे पर सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं।'' 
दास ने यह भी कहा कि संगठन हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी काम कर रहा है। दीपके जून में अमेरिका से भारत लौटे थे और उन्होंने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व किया। इस आंदोलन में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा दिल्ली पहुंचे और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। 
देशभर के 'जेन-जेड' युवाओं से मिले व्यापक समर्थन के बाद यह आंदोलन तेज हुआ और पिछले सप्ताह धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सीजेपी का आंदोलन देश के कई शहरों तक फैल गया। हालांकि, कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार में पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर मामले दर्ज किए।
-Legend News

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