हिंदी-मराठी विवाद में 'पटक-पटककर मारेंगे' वाले बयान को लेकर विवादों में आए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने एक बार फिर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को चैलेंज करते हुए कहा कि राजनीति के लिए गरीबों को क्यों पीटते हैं। मुंबई में मराठी नहीं बोलने वाले मुकेश अंबानी और एसबीआई के चेयरमैन रहते हैं, उन्हें कुछ कहने की हिम्मत है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि माहिम में मराठी बोलने वाले मुसलमानों के पास वे क्यों नहीं जाते हैं?
भाषा के आधार पर मारपीट बर्दाश्त नहीं
गुरुवार को सिक्किम पहुंचे सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आजादी के आंदोलन में महाराष्ट्र का बहुत बड़ा योगदान है। जैसे मराठी भाषा का सम्मान है, वैसे ही तमिल, तेलगू, कन्नड़ का सम्मान है। जिस तरह उनकी रीजनल लैंग्वेज है और उन्हें अपनी भाषा से प्यार है, उसी तरह बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, यूपी के लोगों की हिंदी भाषा है। यदि भाषा के आधार पर ठाकरे परिवार मारपीट करता है तो हमारे बर्दाश्त के बाहर हैं। 
महाराष्ट्र के टैक्स के पैसे में सभी का योगदान
निशिकांत दुबे ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। महाराष्ट्र का इस देश की इकोनॉमी में योगदान है, उससे कोई इनकार नहीं कर सकता है। हम यह कर रहे हैं मुंबई या महाराष्ट्र जो टैक्स देता है, उसमें पूरे भारत का योगदान है। इसका मराठा या ठाकरे परिवार से लेना-देना नहीं है। महाराष्ट्र में कौन टैक्स देता है। जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का हेडक्वॉर्टर महाराष्ट्र में है। एसबीआई सबसे ज्यादा टैक्स देता है और यह महाराष्ट्र के खाते में जाता है। इसी तरह एलआईसी का टैक्स भी महाराष्ट्र को मिलता है, जबकि इन दोनों संस्थाओं में देश के सभी लोग योगदान करते हैं। मैं सिक्किम में खड़ा हूं, यहां के लोग भी अपना पैसा एसबीआई में जमा करते हैं। उनका पैसा भी वहीं है। लेकिन उसका टैक्स महाराष्ट्र के खाते में जाता है। 
पटक-पटककर मारेंगे, फिर से दोहरा रहा हूं 
ठाकरे परिवार पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि आप गरीबों को पीटते हैं लेकिन मुकेश अंबानी वहीं रहते हैं, मराठी बहुत कम बोलते हैं। अगर हिम्मत है तो उनके पास जाओ। माहिम में मुस्लिम आबादी ज़्यादा है, वह भी मराठी नहीं बोलते। हिम्मत है तो वहां जाओ। एसबीआई चेयरमैन मराठी नहीं बोलते, उन्हें ठोक कर देखो। उन्होंने कहा कि ठाकरे बंधु उसे निशाना बनाते हैं, जो गरीब आदमी है और मुंबई में कमाने खाने गया है। उसका महाराष्ट्र की इकोनॉमी में योगदान है। इसमें कौन सी गलत बात कह दी। मैं सांसद हूं और मुझे क्या काम करना है, मुझे पता है। यदि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को लगता है कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, बंगाल, गुजरात के लोगों को डरा-धमकाकर राजनीति करना चाहेंगे तो यह नहीं चलेगी। यदि जब आप इन राज्यों में जाओगे तो वे भी पटक-पटककर मारेंगे। इसे मैं फिर से दोहरा रहा हूं। 
-Legend News

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