भारत के पांचवीं पीढ़ी के पहले स्टील्थ फाइटर जेट के निर्माण ने नई उड़ान पकड़ ली है, वह भी नई रफ्तार के साथ। अब भारत के एडवांस मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट में दुनिया में 30 वर्षों से ज्यादा समय से हर तरह के विमानों का ढांचा बनाकर नाम कमा चुकी डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (DTL) भी शामिल हो गई है। हाल ही में इस प्रोजेक्ट में पहले से लगीं दोनों देसी कंपनियों लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की ओर से इसकी घोषणा की गई है।
अनुभव और इंजीनियरिंग की जुगलबंदी
डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज को कॉम्बैट, कमर्शियल और सिविल एविएशन वाले 10,000 से ज्यादा विमानों के निर्माण का 30 साल से भी ज्यादा का अनुभव है। यह कंपनी मूल रूप से भारत और यूनाइटेड किंग्डम (UK) में आधारित है, लेकिन इसका कारोबार 6 महाद्वीपों तक फैला है। डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज ने दुनिया भर की बड़ी एयरोस्पेस कंपनियों के लिए विमानों का जटिल ढांचा और उससे जुड़े बाकी कल-पुर्जे बनाने में महारत हासिल कर रखी है। जबकि, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) पहले से ही अपनी उच्च तकनीकी और इंजीनियरिंग दक्षता के लिए जानी जाती है। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को इलेक्ट्रॉनिक्स और एवियोनिक्स के क्षेत्र में टक्कर देना मुश्किल है। 
भारतीय एयरोस्पेस सेक्टर की नई ताकत
डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज के सीईओ और प्रबंध निदेशक उदयंत मल्होत्रा के मुताबिक, 'हम पिछले तीन दशकों से सुपरसोनिक विमानों के ढांचे बनाने में बहुत आगे रहे हैं। हमारी अगुवा विरासत, लार्सन एंड टुब्रो की अत्याधुनिक इंजीनियरिंग दक्षता के साथ मिलकर भारत के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण की आवश्यक क्षमताओं वाली एक अनोखी साझेदारी बनाती है।' एल एंड टी प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अरुण रामचंदानी के अनुसार, 'यह साझेदारी अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने के साथ ही इंडियन एयरोस्पेस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को भी नए सिरे से परिभाषित करना है।' 
AMCA प्रोजेक्ट को नई गति की उम्मीद
डायनामैटिक ओल्डलैंड एयरोस्पेस विश्व की एक जानी-मानी एयरोस्पेस कंपनी है। इसके पास भारत और यूके में अत्याधुनिक फैक्ट्रियां हैं। यह कंपनी दुनिया भर की एयरोस्पेस कंपनियों के लिए काम करती है। ये यूके की इंजीनियरिंग और भारत की किफायती उत्पादन क्षमता में तालमेल बिठाकर सबसे अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाती है। 
एयर फोर्स और नेवी के लिए बड़ा प्रोजेक्ट
भारत का एडवांस मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट भारतीय वायु सेना (IAF) और भारतीय नौसेना (Indian Navy) दोनों के लिए एक स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान विकसित करने का प्रमुख कार्यक्रम है। ये ऐसे फाइटर जेट होंगे, जो न तो दुश्मनों के रडारों की नजर में आएंगे और न ही दुश्मन की मिसाइलें ही इन्हें छू पाएंगी। इसके ढांचे की ऐसी विशेषता होगी कि ये दुश्मन के रडार के सिंग्नलों को चकमा दे सकेंगे।
5वीं पीढ़ी के फाइटर को पीछे छोड़ेगा AMCA
एएमसीए (AMCA) का पहला प्रोटोटाइप 2028 के आसपास तैयार होने की उम्मीद है और वायु सेना के लिए इसका उत्पादन 2035 के आसपास शुरू होने की संभावना है। भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन(DRDO) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से जुड़ा यह देश का बहुत ही महत्वपूर्ण सामरिक कार्यक्रम है और जानकारों की मानें तो इसके निर्माण में जिस तरह की अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल होना है, वह इसे 5वीं पीढ़ी से भी आगे का लड़ाकू विमान बनाने वाले हैं।
-Legend News

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