नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह का भारत-नेपाल सीमा को लेकर दिए गये बयान के बाद विवाद काफी बढ़ गया है। सोमवार को नेशनल असेंबली की बैठक विपक्षी पार्टियों ने रोक दी है। अलग-अलग पार्टियों के सांसदों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह की टिप्पणियों का विरोध किया। बालेन शाह ने कहा था कि नेपाल ने भी भारत की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है। सोमवार को जैसे ही संसद सत्र शुरू हुआ नेशनल असेंबली के सदस्य विरोध में खड़े हो गए। उन्होंने नेपाल-भारत सीमा मुद्दों पर प्रधानमंत्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
सांसदों ने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री खुद नेशनल असेंबली के सामने पेश हों और अपनी टिप्पणियों का आधार स्पष्ट करें। उन्होंने तर्क दिया कि यह मुद्दा नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा है। नेशनल असेंबली की सदस्य राम कुमारी झाकरी ने इस बयान के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह जान-बूझकर दिया गया हो सकता है क्योंकि यह रवि लामिछाने की भारत यात्रा की पूर्व संध्या पर आया था। 
बालेन शाह के बयान पर नेपाल में बवाल
झाकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दावा देश के हित में नहीं था खासकर ऐसे समय में जब सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिक सक्रिय रूप से नेपाल के क्षेत्र की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी टिप्पणियां भारत के साथ सीमा विवादों पर नेपाल के स्थापित रुख को कमजोर करती हैं।
सत्र के दौरान उन्होंने कहा 'अगर कोई प्रधानमंत्री देश की सीमाओं से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से बात नहीं कर सकता तो उससे देश की संप्रभुता की रक्षा करने की उम्मीद कम ही की जा सकती है।' नेशनल असेंबली में प्रतिनिधित्व करने वाली लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों की आपत्तियों के बाद अध्यक्ष नारायण प्रसाद दहल ने बैठक को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। वहीं नेपाली कांग्रेस के व्हिप निश्कल राय ने नेपाल-भारत सीमा मुद्दों पर प्रधानमंत्री बालेन शाह की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की और कहा है कि इस बयान ने सभी नेपालियों की गरिमा को कम किया है। 
बालेन शाह क्या मांगेंगे माफी?
सोमवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक को संबोधित करते हुए राय ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दावा कि 'नेपाल ने भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है' अस्वीकार्य है और उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की। राय ने कहा 'हम संसद में प्रधानमंत्री के बयान के संबंध में अपनी असहमति दर्ज कराते हैं।' उन्होंने कहा 'प्रधानमंत्री को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि नेपाल ने भारतीय भूमि पर कहां और कैसे अतिक्रमण किया है।' नेपाल में विपक्षी पार्टियों के कड़े तेवर के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या बालेन शाह अपने बयान के लिए माफी मांगेंगे?  
-Legend News

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