यह हमारा अंतिम और बेस्ट ऑफर है, अब देखना यह है कि क्या ईरानी इसे कबूल करते हैं. शुक्रिया. इसके साथ ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने सामने रखी मेज को दो बार थपथपाया और प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी.
पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई.
इस बात की जानकारी अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने दी, जो बातचीत के लिए पाकिस्तान आए थे. रविवार सुबह 6 बजे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडी वेंस ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच फासला कम करने और समझौता कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन बुरी खबर यह है कि हम किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सके.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह खबर अमेरिका के लिए उतनी बुरी नहीं है जितनी ईरान के लिए है, कोई समझौता नहीं हुआ है और हम अमेरिका वापस लौट रहे हैं. 
पाकिस्तान के कहने पर अमेरिका और ईरान दो हफ़्ते के संघर्ष विराम पर राज़ी हुए थे और दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद आए थे. दोनों पक्षों के बीच बातचीत इस्लामाबाद के सेरेना होटल में हुई.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने बताया कि बातचीत बेनतीजा रही लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं किया कि समझौता न होने का दो हफ़्ते के अस्थायी संघर्ष विराम पर क्या असर पड़ेगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के क़रीब दो घंटे बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि पाकिस्तान अमेरिका-ईरान बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहेगा, यह ज़रूरी है कि दोनों पक्ष संघर्ष विराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखें. 
बातचीत क्यों टूटी? 
अमेरिका और ईरान शांति वार्ता की नाकामी के लिए अलग-अलग वजहें बता रहे हैं.
बातचीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, हमने बहुत साफ कर दिया था कि हमारी 'रेड लाइन्स' क्या हैं, हम किन बातों पर समझौता कर सकते हैं और किन पर नहीं.
जेडी वेंस के मुताबिक और उन्होंने (ईरान) तय किया है कि वे हमारी शर्तें कबूल नहीं करेंगे.
इस मौके पर पत्रकारों ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति से पूछा, कृपया साफ-साफ बताइए कि किन शर्तों को खारिज किया गया?
जवाब में जेडी वेंस ने कहा कि वह बंद कमरे में 21 घंटे चली बातचीत की पूरी जानकारी नहीं देंगे लेकिन सीधी बात यह है कि हम उनसे (ईरान से) यह भरोसा चाहते हैं कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे और ऐसी क्षमता हासिल करने के लिए जरूरी उपकरण भी नहीं जुटाएंगे.
यह अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य लक्ष्य है और हमने बातचीत के जरिए इसे हासिल करने की कोशिश की.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता पहले ही नष्ट की जा चुकी है लेकिन क्या हमें ईरान में यह इच्छा दिख रही है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे? अभी तक हमें ऐसी इच्छा नहीं दिखी है.
एक सवाल के जवाब में जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत के दौरान ईरान की फ़्रीज संपत्तियों पर भी चर्चा हुई लेकिन हम उस मुकाम तक नहीं पहुंच सके जहां ईरान हमारी शर्तें मान लेता.
मुझे लगता है कि हमने काफी लचीलापन दिखाया. राष्ट्रपति ने हमें कहा था कि आपको अच्छी नीयत से बातचीत में जाना है और समझौते तक पहुंचने की पूरी कोशिश करनी है. हमने वही किया, लेकिन अफ़सोस कि कोई प्रगति नहीं हुई.
जेडी वेंस से पूछा गया कि बातचीत के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से कितनी बार संपर्क किया और उन्होंने क्या कहा.
इस पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने जवाब दिया, हम राष्ट्रपति के साथ लगातार संपर्क में थे, पिछले 21 घंटों में हमने कितनी बार बात की, मुझे नहीं पता... शायद दर्जन भर बार.
हम एडमिरल कूपर (सेंटकॉम कमांडर), मार्को रुबियो (विदेश मंत्री), पीट हेगसेथ (रक्षा मंत्री) और पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के संपर्क में थे. हम लगातार संपर्क में थे क्योंकि हम अच्छी नीयत से बातचीत कर रहे थे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को ख़त्म करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, हम समझ बनाने के एक आसान सा प्रस्ताव दिया है. यह हमारी अंतिम और सबसे बेहतर पेशकश है, अब देखना यह है कि ईरानी इसे कबूल करते हैं या नहीं.
इस संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जेडी वेंस रावलपिंडी के नूर ख़ान एयर बेस गए और वहां से अमेरिका के लिए रवाना हो गए. उन्हें पाकिस्तान के सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इसहाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने विदा किया. 
ईरानी मीडिया ने कहा, अमेरिका ने लचीलापन नहीं दिखाया 
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिका की ग़ैर-वाजिब मांगों ने युद्ध खत्म करने की बातचीत को बाधित किया.
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने टेलीग्राम पर पोस्ट में कहा, ईरानी प्रतिनिधिमंडल की तरफ से कई कोशिशों के बावजूद अमेरिकी पक्ष की ग़ैर-वाजिब मांगों ने बातचीत की प्रगति को रोक दिया. इस तरह बातचीत ख़त्म हो गई.
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात इस्लामाबाद पहुंचा, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ़, जेरेड कुशनर और अन्य अमेरिकी अधिकारी शनिवार सुबह पाकिस्तानी राजधानी पहुंचे.
दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने अलग-अलग पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, विदेश मंत्री इशाक़ डार और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर समेत अन्य अधिकारियों से मुलाक़ात की.
इन बैठकों के बाद पाकिस्तानी सरकार के बयानों में कहा गया कि पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा और उम्मीद जताई गई कि शनिवार को होने वाली बातचीत विवाद के हल की दिशा में एक कदम होगी.
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि पहले ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच पाकिस्तान के ज़रिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों ने पाकिस्तानी अधिकारियों की मौजूदगी में ढाई घंटे तक बातचीत की.
इसके बाद एक घंटे का विराम लिया गया और पेश की गई मांगों के तकनीकी पहलुओं पर ईरानी और अमेरिकी विशेषज्ञों के बीच चर्चा हुई.
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक़ तकनीकी मुद्दों पर संदेशों का आदान-प्रदान देर रात तक जारी रहा.
ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया है कि बातचीत बेनतीजा रहने की वजह अमेरिकी रुख़ में लचीलापन न होना था.
तस्नीम के मुताबिक ईरानी संसद अध्यक्ष ग़ालिबाफ़ की अगुवाई में आए प्रतिनिधिमंडल ने सेना प्रमुख से कम से कम दो बार और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से एक बार मुलाक़ात की ताकि ज़रूरी इंतज़ाम किए जा सकें और बातचीत की शुरुआत में ही अमेरिका के वादाख़िलाफ़ी के ख़िलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया जा सके.
ईरानी न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत 21 घंटे से ज़्यादा चली. इस दौरान ईरान ने बार-बार अपने प्रस्ताव पेश किए और अमेरिकी पक्ष को हक़ीक़त की तरफ़ लाने की कोशिश की.
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी का दावा है कि हर चरण पर अमेरिका की ज़्यादा मांगों ने साझा ढांचा बनने में रुकावट डाली. अमेरिकी रुख़ में लचीलापन न होने की वजह से बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गई.
ख़बर में आगे कहा गया कि अगली बातचीत के दौर के समय, जगह और प्रक्रिया को लेकर अभी तक कोई कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है. 
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).