रिपोर्ट : LegendNews
राष्ट्रीय पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर महिला निशानेबाज के यौन शोषण का आरोप, सस्पेंड
नई दिल्ली। नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज को नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने 17 साल की महिला शूटर के साथ यौन शोषण के आरोप के बाद सस्पेंड कर दिया है। नेशनल महिला शूटर के परिवार ने हरियाणा पुलिस में FIR दर्ज कराई।
उन्होंने नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर आरोप है कि ये घटना फरीदाबाद (हरियाणा) के सूरजकुंड इलाके के एक होटल में हुई।
पीड़िता के अनुसार, कोच ने उसे 'परफॉर्मेंस रिव्यू' करने के बहाने होटल के कमरे में बुलाया और वहां उसका यौन उत्पीड़न किया। इस खबर से खेल जगत शर्मसार है और लोग अंकुश भारद्वाज को करीबी से जानने के लिए खूब सर्च कर रहे हैं। ऐसे में आपको बताते हैं कौन हैं अंकुश भारद्वाज?
अंकुश भारद्वाज को जसपाल राणा के छोटे भाई सुभाष राणा ने कोचिंग दी थी
बता दें कि अंकुश भारद्वाज भारत के एक राष्ट्रीय शूटिंग कोच हैं। मूल रूप से वह हरियाणा के अंबाला के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने निशानेबाजी के सफर की शुरुआत साल 2005 में NCC (नेशनल कैडेट कोर) कैंप से की थी। अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए वे देहरादून स्थित 'जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग एंड स्पोर्ट्स' गए, जहां उन्हें प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा के छोटे भाई सुभाष राणा ने कोचिंग दी।
उपलब्धियों की बात करें तो अंकुश भारद्वाज ने साल 2007 में आगरा में आयोजित 'ऑल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग प्रतियोगिता' में तीन गोल्ड मेडल जीते। इसके बाद साल 2008 में पुणे में आयोजित कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में उन्होंने 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
2010 में जर्मनी के सुहल में एक जूनियर प्रतियोगिता के दौरान उनका डोप टेस्ट पॉजिटिव आया
अंकुश भारद्वाज इंटरनेशनल स्टेज पर लगातार मेडल जीत रहे थे, लेकिन उनका करियर तब एक बड़े विवाद में फंस गया जब 2010 में जर्मनी के सुहल में एक जूनियर प्रतियोगिता के दौरान उनका डोप टेस्ट पॉजिटिव आया।
वे बीटा-ब्लॉकर नामक प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के दोषी पाए गए थे, जिसका इस्तेमाल अक्सर दिल की धड़कन को नियंत्रित कर हाथ को स्थिर रखने के लिए किया जाता है। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
2016 में हनोवर (जर्मनी) में हुई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक दिलाया
इसके बाद अंकुश भारद्वाज ने साल 2012 में खेल में वापसी की और 2016 में हनोवर (जर्मनी) में हुई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में उन्होंने भारत को 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाने में मदद की।
मौजूदा समय में वह एक राष्ट्रीय पिस्टल कोच हैं। वे मोहाली में 'साल्वो शूटिंग रेंज' चलाते हैं और चुनिंदा निशानेबाजों को निजी कोचिंग भी देते हैं। उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करें तो उनकी शादी दो बार की ओलंपियन शूटर अंजुम मौदगिल से हुई है।
लेकिन अब 17 साल की महिला शूटर ने उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं, इस महिला एथलीट की मां ने ये भी बताया कि एक दूसरी महिला शूटर के साथ भी ऐसा ही हुआ है।
- Legend News

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