नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर FIR दर्ज किए जाने की कांग्रेस ने आलोचना की है. वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, नेशनल हेराल्ड का मामला इकलौता ऐसा उदाहरण है, जहां एक भी पैसे के लेनदेन या फायदे के बिना मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनाया जा रहा है. इसे तो दुनिया के अजूबों में गिना जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, नेशनल हेराल्ड की पैरेंट कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड बहुत पुरानी कंपनी है. ये कंपनी ब्रिटिश काल में अंग्रेजों के ख़िलाफ़ भी खड़ी थी. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने अलग-अलग समय पर कंपनी को लोन दिया. जो एक वक्त 90 करोड़ रुपये हो गया था.
सिंघवी ने कहा कि कंपनी को मजबूत करने के लिए उसके कर्जे को हिस्सेदारी में बदल दिया गया और लोन को हिस्सेदारी में बदलने के लिए यंग इंडियन नाम की एक दूसरी कंपनी बनाई गई. इस तरह एजीएल की शेयर होल्डिंग यंग इंडियन के हाथ में आ गई. इस पूरे प्रोसेस में न तो कोई पैसा मूव हुआ और न ही कोई प्रॉपर्टी.
उन्होंने पूछा, जब इस मामले में सरकारी शिकायत है ही नहीं तो केस में ईडी शामिल ही नहीं हो सकता क्योंकि ईडी के एक्ट में यह लिखा है कि शिकायत सिर्फ़ वही कर सकता है जो इमपावर्ड ऑफ़िसर हो.
रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने बीजेपी की आलोचना की है और इस पूरे मामले को झूठा और बेबुनियाद करार दिया है.
-Legend News

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