मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी रामपुर तिराहा पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। यहां उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों को याद किया।

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नमन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।

32वीं बरसी पर जुटे लोग
रामपुर तिराहा कांड की बरसी के मौके पर शहीद स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े लोगों और अन्य गणमान्य लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

क्या था रामपुर तिराहा कांड
रामपुर तिराहा कांड 2 अक्टूबर 1994 की रात उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहे पर अलग उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बर हिंसा और गोलीबारी की एक शर्मनाक घटना है। 
यह घटना उत्तर प्रदेश में तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई थी।
हजारों उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी (महिलाएं, छात्र, और आम लोग) गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को दिल्ली के राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना देने जा रहे थे। 
पुलिस ने रामपुर तिराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर आंदोलनकारियों को रोका। इसके बाद हुई झड़प और पुलिस की क्रूर कार्रवाई में लाठीचार्ज और अंधाधुंध गोलीबारी की गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस गोलीबारी में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इस दौरान पुलिसर्किमयों पर महिला आंदोलनकारियों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे गंभीर व अमानवीय आरोप भी लगे थे। 

- Legend News

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