रिपोर्ट : LegendNews
ललिता गौतम हत्याकांड पर बोलीं मायावती, कुछ नेता व संगठन पीड़ितों को गुमराह कर रहे
लखनऊ में BSP अध्यक्ष मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मायावती बिना नाम लिए चंद्रशेखर पर भड़कीं। कहा कि संघर्ष कानून के दायरे में होना चाहिए। कुछ संगठन संकीर्ण स्वार्थ के लिए लोगों को गुमराह कर हिंसा, हंगामा और जाम कराते हैं।
यूपी के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर ऐसे मामलों में सड़कों में उतरने की जगह कानूनी दायरे में रहकर न्याय की मांग करने की सलाह दी है। उन्होंने ऐसे संगठनों से बचकर रहने को कहा है जो कि इन मामलों में पीड़ित लोगों का फायदा उठाना चाहते हैं।
कुछ संगठन और राजनैतिक दल पीड़ितों का फायदा उठा रहे
मायावती ने ऐसे संगठन व पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे संगठन व पार्टियां हैं जो अपने संकीर्ण राजनैतिक स्वार्थ के लिए इन वर्गों के दुःखी व पीड़ित लोगों को भड़का कर व गुमराह करके उन्हें सड़कों पर उतारते हैं। उनके मुखिया मगरमच्छ की तरह आंसू बहाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचकर, अपनी राजनैतिक रोटी सेंकते हैं, तो उससे पीड़ितों को न्याय मिलने वाला नहीं है, बल्कि वर्तमान हालात में यह इन वर्गों के लोगों की मुसीबत व परेशानी को और भी अधिक बढ़ाने वाला ही है।
मायावती ने यूपी के मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज व हरदोई के हाल ही मामलों का जिक्र करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी दायरे में रहकर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मामला अदालत में जाता है और निचली अदालत में इन्साफ नहीं मिलता है तो सर्वोच्च अदालत में जाना चाहिये, ना कि इसके लिए सड़कों पर उतरना है।
- Legend News

Recent Comments