रिपोर्ट : LegendNews
NHIDCL के प्रबंध निदेशक ने दी टनल में फँसे मजदूरों की जानकारी
NHIDCL के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने टनल में फँसे 41 मजदूरों के लिए किए जा रहे रेस्क्यू कार्यों के बारे में बुधवार को जानकारी दी.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि "अब तक सुरंग में 39 मीटर तक की ड्रिलिंग की जा चुकी है. क़रीब 57 मीटर तक ओर मलबे में ड्रिलिंग की जानी है यानी कि अभी 18 मीटर ओर ड्रिलिंग की जाएगी."
"800 एमएम की पाइप 21 मीटर तक पहले ही पहुंच चुका थी. जिसके बाद देर रात पौने एक बजे अमेरिकी ऑगर मशीन शुरू की गई जिसके चलते देर रात के बाद से अभी तक 18 मीटर ज्यादा ड्रिलिंग की जा चुकी है."
उन्होंने बताया, "अभी जब तक 45 से 50 मीटर तक ना पहुंचे तब तक कुछ भी कहना बहुत जल्दी होगी. ऑगर मशीन बेहतर तरीके से काम कर रही है इसी तरह से काम चलता रहा तो देर रात कोई अच्छी खुशखबरी मिल सकती है."
उन्होंने बताया, "इस पूरे प्रोसेस में अभी 10 से 15 घंटे और लग सकते हैं. यदि कोई दिक्कत नहीं आई तो सकुशल सभी मजदूरों को कल सुबह तक निकाल लिया जाएगा."
माइक्रोफोन के जरिए उनको स्पीकर के माध्यम से सुना जा रहा है. श्रमिको की हिम्मत अभी भी बनी हुई है.
उन्होंने बताया, "पाइप को ड्रिल करने में ज्यादा नहीं लगता. मिशन में वेल्डिंग सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमे सबसे ज्यादा समय लगता है. जिसके चलते 18 मीटर यानी 3 पाइप को भेजने में देर रात से अभी तक 15 घंटे का समय लगभग लगा है."
"अनुमान के अनुसार कुल 57 मीटर वह जगह है जहां पर श्रमिक फँसे है. ऐसे में फँसे हुए श्रमिकों तक पहुंचने के लिए केवल 18 मीटर ही ड्रिल करना बाकी रहा गया है."
उत्तराखंड सरकार की तरफ़ से नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी नीरज खेरवाल ने बताया, "डॉक्टरों की पूरी टीम तैयार कर ली गई है. मजदूरों को निकालते वक्त सभी स्वास्थ्य संबंधी बातों को ख्याल रखा जाएगा. जरूरत पड़ने पर मजदूरों को एयरलिफ्ट भी किया जाएगा."
उन्होंने बताया, "टनल में फँसे लोगों को सुबह खाने के वक्त मजदूरों को टूथब्रश, पेस्ट, टॉवल और अंडर गारमेंट्स भेजे गए हैं."
Compiled: Legend News

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