रिपोर्ट : LegendNews
ममता सरकार ने BLO के बढ़े हुए मानदेय का नहीं किया भुगतान, EC ने जताई आपत्ति
चुनाव आयोग ने बीते दिनों बीएलओ के मानदेय को बढ़ाने का आदेश जारी किया था। हालांकि चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद बंगाल की टीएमसी सरकार ने बीएलओ और निर्वाचन आयोग के अन्य अधिकारियों को बढ़े हुए मानदेय का भुगतान नहीं किया। इसे लेकर अब चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है।
चुनाव आयोग ने मानदेय बढ़ाने के लिए जारी किया था नोटिफिकेशन
चुनाव आयोग ने बीते अगस्त में एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें लिखा 'शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र के आधार हैं। मतदाता सूची तैयार करने वाली मशीनरी में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ शामिल होते हैं, जो मतदाता सूची तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। चुनाव आयोग ने बीएलओ और अन्य अधिकारियों का सालाना मानदेय बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले साल 2015 में बीएलओ और मतदाता सूची तैयार करने वाली मशीनरी के अधिकारियों का मानदेय बढ़ाया गया था।'
नोटिफिकेशन के अनुसार 2015 से बीएलओ को सालाना मानदेय 6 हजार रुपये था, जिसे बढ़ाकर 12 हजार कर दिया गया है। वहीं मतदाता सूची के लिए पहले बीएलओ को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया गया है। बीएलओ सुपरवाइजर को पहले 12 हजार रुपये का मानदेय मिलता था, जो अब बढ़ाकर 18 हजार कर दिया गया है। वहीं इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारी को 30 हजार और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारी को 25 हजार रुपये का सालाना मानदेय मिलेगा। पहले इन अधिकारियों को कोई मानदेय नहीं मिलता था।
चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार के प्रति जताई नाराजगी
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा है कि हमने टीएमसी के एक प्रतिनिधिमंडल से कहा कि बीएलओ के बढ़ाए गए मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। चुनाव आयोग ने टीएमसी से बढ़ाए गए मानदेय का बिना किसी देरी के भुगतान करने को कहा है।
-Legend News

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