राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा एक गरीब परिवार कुछ ही सेकंड में उजड़ गया। तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर ने सड़क किनारे फुटपाथ पर बैठे परिवार को कुचल दिया। हादसे में पिता और उसके तीन मासूम बेटों की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला के दोनों पैर कट गए हैं और उसका इलाज एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जारी है। 
यह भयावह हादसा मंगलवार सुबह करीब 8:46 बजे श्याम नगर थाना क्षेत्र के 200 फीट बाईपास स्थित कमला नेहरू नगर में हुआ। हादसे के बाद घटनास्थल पर जो दृश्य था, उसे देखकर लोगों की रूह कांप उठी। तीनों बच्चों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। एक बच्चे का शव दो हिस्सों में बंट गया, जबकि सभी शव नाले में जा गिरे। नाले के आसपास मांस के लोथड़े बिखरे पड़े थे और चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी।
मृतकों की पहचान राजसमंद जिले के जैतपुरा निवासी चंद्रप्रकाश और उनके तीन बेटों रमेश (11), रतन (10) और दीपक (8) के रूप में हुई है। चंद्रप्रकाश की पत्नी कैलाशी गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में उनके दोनों पैर कट गए। उन्हें तत्काल एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। 
गांव लौटने की तैयारी थी, लेकिन हमेशा के लिए बिछड़ गया परिवार
जानकारी के अनुसार, यह परिवार बागरी समाज से संबंध रखता था और जयपुर के वैशाली नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। परिवार झाड़ू बनाकर बेचने का काम करता था और उसी से घर का गुजारा चलता था। मंगलवार सुबह पूरा परिवार अपने पैतृक गांव राजसमंद जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही क्षणों में यह सफर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दिल्ली की ओर से अजमेर की तरफ जा रहा पीओपी से भरा ट्रेलर अचानक अनियंत्रित हो गया। ट्रेलर रेलिंग तोड़ते हुए सीधे फुटपाथ पर चढ़ गया और वहां बैठे परिवार को कुचलता हुआ निकल गया। हादसा इतना भीषण था कि आसपास मौजूद लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। 
चालक और खलासी मौके से फरार
हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर का चालक और खलासी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से नाले में गिरे घायलों और शवों को बाहर निकाला गया। बाद में क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को सड़क से हटाया गया।
घटना के बाद एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ट्रेलर चालक की तलाश में जुट गई है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। 
तेज रफ्तार और रॉन्ग साइड बना हादसे की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल पर अक्सर वाहन चालक रॉन्ग साइड से निकलते हैं और कई वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं। इसी कारण यहां पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने प्रशासन से इस स्थान पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम और सख्त ट्रैफिक नियंत्रण की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस अधिकारियों ने दी जानकारी
ट्रैफिक एसएचओ अमिर हसन ने बताया कि ट्रेलर दिल्ली हाईवे की तरफ से तेज गति में आ रहा था और उसमें पीओपी भरा हुआ था। परिवार वैशाली नगर में किराए पर रहता था और राजसमंद जाने वाली बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान ट्रेलर अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गया।
वहीं, एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा ने बताया कि हादसे में तीन बच्चों और उनके पिता की मौत हो गई है। महिला गंभीर रूप से घायल है और उसका उपचार जारी है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एक पल में पूरे परिवार की दुनिया उजड़ गई। जो मां सुबह अपने बच्चों के साथ गांव जाने की तैयारी कर रही थी, अब अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। वहीं पिता और तीनों मासूम बेटे हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही की भयावह कीमत की याद दिलाता है। 
-Legend News

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