उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की टेंशन लगातार बढ़ी हुई है। दरअसल, प्रदेश में सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट लगाने की प्रक्रिया को पूरा कराया गया है। इसके जरिए बिजली विभाग बकाए के टेंशन को खत्म करने की तैयारी में है। प्रीपेड स्मार्ट का लाभ यह होगा कि कंज्यूमर जितने पैसे का रिचार्ज कराएंगे, उस हिसाब से उतनी यूनिट बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद कनेक्शन खुद ही डिस्कनेक्ट हो जाएगा। दोबारा रिचार्ज कराने पर ही बिजली की सप्लाई शुरू होगी। हालांकि, प्रीपेड मीटर ने बिजली उपभोक्ताओं की टेंशन बढ़ा दी है। पहले महीना खत्म होने पर बिजली बिल का भुगतान करना होता था, अब बिजली के लिए पहले पैसे जमा करने होंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने समस्या है कि पिछले बकाए को चुकाएं या इस माह की बिजली के लिए मीटर रिचार्ज कराएं। इसको लेकर बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दे दी है।
एकमुश्त नहीं होगा समायोजन
राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के बकाए के समायोजन को लेकर पावर कॉर्पोरशन ने एक फॉर्मूला तय किया है। अगर आपका बकाया 10 हजार रुपये तक है तो आपके बिल भुगतान का 10 फीसदी ही समायोजित किया जाएगा। इसको ऐसे समझिए। अगर आपका मासिक बिल पहले 5 हजार रुपये आता था। दो माह का बिल बकाया है। यानी बिल 10 हजार रुपये बकाया है। ऐसे में आप प्रीपेड मीटर में 5000 रुपये का रिचार्ज कराएंगे तो पूर्व के नियम के मुताबिक आपका पूरा पैसा पिछले बिल में कट जाता। हालांकि, नई राहत के बाद अब 4000 रुपये का रिचार्ज आपके प्रीपेड मीटर में जाएगा। वहीं, एक हजार रुपये आपके बकाया मद में समायोजित होंगे। 
जीरो बैलेंस से बढ़ी चिंता
दरअसल, प्रदेश में पोस्टपेड वाले तमाम उपभोक्ताओं के घर पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लग दिया गया है। स्मार्ट प्रीपेड के साथ ही पुराना बकाया भी जुड़ कर आ जा रहा है। ऐसे में अचानक अधिकांश स्मार्ट प्रीपेड मीटर का बैलेंस शून्य हो जाता है। इसने उपभोक्ताओं की टेंशन बढ़ा दी है। इसको देखते हुए पावर कार्पोरेशन ने नई व्यवस्था दी है। इसके तहत घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के 10 हजार रुपये तक बकाए पर हर बिल से 10 फीसदी राशि की वसूली होगी। वहीं, 10 से 15 हजार रुपये बकाया हुआ तो 15 फीसदी भाग हर रिचार्ज से वसूला जाएगा। अगर बकाया 15 से 20 हजार रुपये होता है तो फिर हर रिचार्ज से 25 फीसदी राशि समायोजित की जाएगी। 
50 फीसदी भुगतान पर तीन दिन कनेक्शन
बिजली विभाग ने साफ किया है कि स्मार्ट मीटर में निगेटिव बैलेंस की वजह से कनेक्शन कट जाता है तो बकाये का 50 फीसदी राशि के भुगतान करने पर तीन दिन के लिए कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। पावर कॉरपोरेशन ने रविवार के आदेश में साफ किया है कि अगर इन तीन दिनों में पूरा रीचार्ज न करने या बैलेंस पॉजिटिव न होने पर कनेक्शन कट जाएगा। कॉरपारेशन ने यह भी साफ कर दिया है कि बकाया का 50 प्रतिशत जमा करके तीन दिन के लिए कनेक्शन जुड़वाने का विकल्प केवल एक बार मिलेगा। इनमें से 70.50 लाख मीटर प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं।
प्रदेश में पावर कॉरपोरेशन ने 13 मार्च से स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था शुरू कर दी है। इस कारण निगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑटोमेटिक कट जा रहे हैं। प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के मीटर खातों में बैलेंस निगेटि हैं। पिछने दो दिनों में निगेटिव खातों की वजह से कनेक्शन कटने और उनके ऑटोमेटिक न जुड़ पाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
मुआवजा देने की मांग
यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने रिचार्ज के बाद भी स्मार्ट मीटर कनेक्शन न जुड़ पाने वाले कंज्यूमर को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कनेक्शन न जुड़ने पर 50 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मुआवजे का नियम है। स्मार्ट मीटरिंग लागू होने के बाद बकाएदारों के कनेक्शन खुद कट गए। उपभोक्ताओं ने तत्काल बिल जमा कर दिया, लेकिन उसके बाद भी उनके कनेक्शन नहीं जुड़ सके। ऐसे सभी उपभोक्ता मुआवजे के हकदार हैं। नियमों में दो घंटे के भीतर कनेक्शन जोड़ने की बाध्यता है। 
-Legend News

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