रिपोर्ट : LegendNews
महाराष्ट्र: अब कैब व टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य, नहीं तो लाइसेंस कैंसिल
मुंबई। कैब और ऑटो ड्राइवरों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने प्रस्तावित किया है कि अब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान जरूरी किया जाएगा। यह नियम सामान्य टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले ऐप-बेस्ड मोटर कैब पर भी लागू होगा। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि 15 अगस्त की तय समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक सार्वजनिक परिवहन सेवा देने वाले ड्राइवरों के लिए यात्रियों से स्थानीय भाषा में संवाद करना जरूरी है। प्रस्तावित संशोधन महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 के तहत किया जा रहा है। इसमें ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले ऐप-बेस्ड मोटर कैब के ड्राइवर और परमिट धारक शामिल होंगे। नए ऑथराइजेशन के लिए आवेदन करने वाले ड्राइवरों को अन्य निर्धारित योग्यताओं के साथ मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान भी रखना होगा। परमिट के रिन्यूअल के समय भी संबंधित व्यक्ति को मराठी का आवश्यक ज्ञान होने की पुष्टि करनी होगी।
मराठी नहीं आई तो पहले मिलेगा एक महीने का समय
सरकार ने तत्काल लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान नहीं रखा है। अगर किसी ड्राइवर में मराठी का जरूरी कामकाजी ज्ञान नहीं पाया जाता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उसे नोटिस देगी। ड्राइवर को मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। इस अवधि में जरूरी भाषा ज्ञान हासिल नहीं करने पर उसके लाइसेंस पर मौजूद संबंधित ऑथराइजेशन को तीन महीने तक सस्पेंड किया जा सकता है।
बार-बार नियम तोड़ा तो ऑथराइजेशन रद्द हो सकता है
अगर ड्राइवर सस्पेंशन के बाद भी नियम का पालन नहीं करता है तो उसके ऑथराइजेशन को रद्द किया जा सकता है। हालांकि ड्राइवर के खिलाफ ऑथराइजेशन रद्द करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिया जाएगा। यानी कार्रवाई की प्रक्रिया में ड्राइवर को सुनवाई का अवसर मिलेगा।
15 अगस्त की डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ किया है कि ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी सीखने की 15 अगस्त की डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है और 15 अगस्त से टैक्सी और ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों के लिए कामकाजी मराठी जरूरी होगी।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
परिवहन मंत्री के मुताबिक स्थानीय भाषा का कामकाजी ज्ञान ड्राइवरों को यात्रियों से बेहतर तरीके से संवाद करने में मदद करेगा। इससे यात्रियों की बात समझने और सुरक्षित तथा सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि नए नियमों से यात्री परिवहन से जुड़े नियमों को लागू करने में भी स्पष्टता आएगी।
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