मथुरा। मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा तद्नुसार दिनांक 04 दिसम्बर 2025 बृहस्पतिवार को श्रीदत्तात्रेय जयन्ती पर भगवान श्रीकृष्ण-जन्मभूमि पर भव्य एवं दिव्य धार्मिक अनुष्ठान हुऐ।  प्रातः 8 बजे श्री दत्तात्रेय स्वरूप श्रीअन्नपूर्णेश्वर महादेव (विराजमान श्रीकृष्ण-जन्मभूमि) के दिव्य स्वरूप का पूजन, पंचामृत अभिषेक, कवच एवं  तद्नुसार श्रीदत्तात्रेय पुष्प सहस्त्रार्चन किया गया।

मंगल ध्वनि और शहनाई वादन के मध्य भगवान श्रीदत्तात्रेय की प्राकट्य आरती हुई। भगवान दत्तात्रेय जी की पंरपरा में भोजन प्रसाद का विश‍िष्ट महत्व है। इस परंपरा के अनुरूप  महोत्सव में  जन्मस्थान पर वृहद मात्रा में भगवान दत्तात्रेय जी के प्रसाद रूपी भण्डारे का वितरण किया गया। हजारों-हजार श्रद्धालु ने भगवान दत्तात्रेय के प्रसादी-भण्डारे को प्राप्त किया। भव्य पुष्प-सज्जा के मध्य विराजमान भगवान दत्तात्रेय के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर भक्तजन अभिभूत हो उठे।

प्रातः 9.30 बजे पूर्णिमा के इस पवित्र दिवस पर श्रीगिरिराज महाराज का वृहद पंचामृत अभिषेक, पुष्पार्चन एवं श्रृंगार किया गया। श्रीकृष्ण संकीर्तन मण्डल, जन्मस्थान के भावुक भक्तों के द्वारा रसमय भजन एवं उद्दाम संकीर्तन के मध्य भगवान श्रीगिरिाज महाराज का अभिषेक किया गया। श्रीकृष्ण संकीर्तन मण्डल के भावुक भक्तों का सहयोग आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव श्री कपिल शर्मा, सदस्य श्री गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, श्रीकृष्ण संकीर्तन मण्डल के श्री अनिलभाई, श्री कन्हैया लाल रंग वाले, श्री पंकज अग्रवल, श्री प्रदीप हाई एवं श्री महेन्द्र प्रताप का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
- Legend News

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