रिपोर्ट : LegendNews
खामेनेई की मौत से यूपी के मुस्लिम समाज में उबाल, कई शहरों में विरोध प्रदर्शन
अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा चल रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज में खामेनेई की मौत पर उबाल देखने को मिल रहा है। लखनऊ में शिया समुदाय के लोगों ने अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सड़कों पर उतरे मुस्लिम समुदाय के लोगों में गम और गुस्सा दिखा। इसके बाद संभल में बड़ा विरोध प्रदर्शन सामने आया है। लोग सड़कों पर उतरकर मातम मनाते नजर आए। संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने ईरान पर हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वहीं, सहारनपुर, अमरोहा, जौनपुर, आगरा से भी प्रदर्शन की सूचना आ रही है।
सिरसी कस्बे में विरोध प्रदर्शन
संभल जिले के कस्बा सिरसी में शिया समुदाय के लोगों ने ईरान पर हमले और अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई लोग भावुक होकर रोते हुए नजर आए। लोगों के विरोध प्रदर्शन को लेकर एहतियातन कुछ दुकानों को भी बंद रखा गया। बताया जा रहा है कि सिरसी के 60 से अधिक लोग ईरान में रहते हैं। प्रदर्शन के दौरान बच्चों को भी भावुक होकर आंसू बहाते देखा गया। लोगों ने मौत का बदला मौत के नारे भी लगाए।
सांसद ने बोला हमला
संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि युद्ध की शुरुआत इजराइल की ओर से हुई है। अमेरिका बातचीत के जरिए समाधान चाहता था। वार्ता पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुई और अचानक युद्ध शुरू हो गया। सासंद ने कहा कि ईरान में मारी गई हमारी बहनों की संख्या अभी तक 40 सामने आई है। यह बेहद ही दुखद है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इजराइल की कार्रवाई पर पूरी दुनिया उंगली उठा रही है। फिलीस्तीन से लेकर ईरान तक इस कार्रवाई का हम विरोध करते हैं।
अलीगढ़ में जोरदार प्रदर्शन
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनई की मौत पर अलीगढ़ में भी मुस्लिम समाज ने विरोध-प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरे अलीगढ़ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाल कर नारेबाजी की। इमामबाड़े से निकले जुलूस में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे। मुस्लिम समाज ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। अलीगढ़ मुस्लिम फेटरनिटी के सदस्य नादिर अब्बास नकवी ने कहा कि ईरान में हाल ही में हुई हिंसा की गंभीर एवं चौंकाने वाली वृद्धि हुई है।
नादिर ने कहा कि इसके कारण इस्लामी गणराज्य ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई, उनके परिवार के सदस्यों की कथित शहादत हुई है। यह क्षति संयुक्त राज्य अमेरिका एवं इस्राइल की ओर से किए गए एक क्रूर एवं अप्रत्याशित सैन्य आक्रमण का परिणाम है।
जौनपुर में सड़कों पर लोग
जौनपुर में आयतुल्लाह खामेनेई के निधन की खबर मिलते ही प्रदर्शन शुरू हो गया। हजारों की संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने शहर में अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। लोगों ने अमेरिका और इस्राइल मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। दरअसल, शिया समुदाय आयतुल्लाह खामेनेई को अपना रहबर मानता था। उनके बताए रास्ते पर चलता है। जिस तरह से इस्राइल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई को मारा है, उससे शिया समुदाय में उबाल देखा गया।
सहारनपुर में भी हुआ प्रदर्शन
सहारनपुर में शिया समुदाय ने अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस की सूझबूझ से पूरे प्रकरण को संभाल लिया गया। शिया मस्जिद से चौकी सराय कोतवाली नगर तक निकले जुलूस में इस्राइल के खिलाफ लोगों ने नाराजगी का इजहार किया। साथ ही, अयातुल्लाह खामेनेई की वफात का शोक मनाया गया। प्रदर्शन को शिया समुदाय की एकता और शांति की मिसाल बताया गया। सहारनपुर में प्रदर्शन के दौरान नारा-ए- तकबीर के नारे लगे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।
आगरा में भड़का आक्रोश
ईरान पर हुए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद आगरा में मुस्लिम शिया समाज में आक्रोश देखा जा रहा है। न्यू आगरा क्षेत्र में शहीद-ए-सालिस मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। वहां जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी की गई। उनका पुतला दहन किया गया। पुतला फूंकने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के बाहर निकलकर प्रदर्शन करने की भी कोशिश की।
हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को रोक लिया। एहतियातन मस्जिद का मुख्य गेट बंद किया गया है। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं दूसरे रास्ते से बाहर आईं, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर वापस मस्जिद परिसर में भेज दिया। मस्जिद पर ऐतिहातन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
-Legend News

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