कृषि कानूनों के विरोध में हुए किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला की फोटो पर विवादास्पद टिप्पणी के मामले में दर्ज मानहानि केस में अभिनेत्री कंगना रणौत की याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई। 
हाईकोर्ट ने कंगना को बड़ी राहत देते हुए 14 जुलाई को बठिंडा कोर्ट की पेशी से छूट दे दी है। शुक्रवार को करीब पौना घंटा चली सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई सोमवार को तय की थी।
बठिंडा की मोहिंदर कौर की तस्वीर की थी शेयर
बता दें कि जब कृषि कानून को लेकर आंदोलन चल रहा था, तब कंगना ने बठिंडा की मोहिंदर कौर की एक तस्वीर शेयर की थी। कंगना ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि उनको 100-100 रुपये की रोज की मजदूरी के लिए आंदोलन में लाया गया है। कंगना के इस ट्वीट पर काफी बवाल हुआ था, हालांकि इसके बाद अभिनेत्री ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया था। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। पंजाब में उनको भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। 
इसी संबंध में कंगना के खिलाफ बठिंडा कोर्ट में मोहिंदर कौर ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इस मामले पर 4 जनवरी 2021 में कोर्ट में केस दर्ज हुआ था। जिसके बाद करीब 13 महीने सुनवाई चली। बठिंडा की कोर्ट ने मामले में कंगना को समन जारी करते हुए कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था। वहीं कंगना को जवाब देते हुए मोहिंदर कौर ने ये भी कहा था कि उनके पास 13 एकड़ की जमीन है और अभी भी वह अपने परिवार के साथ मेहनत करती हैं। उनको 100 रुपये की मजदूरी की जरुरत नहीं है।
मोहिंदर कौर ने समझा था बिलकिस बानो
मोहिंदर कौर ने कंगना से ये तक कह दिया था कि कोरोना के समय अगर उनके पास काम नहीं है तो वह मोहिंदर के पास आ सकती हैं। वह कंगना को खेत में काम के बदले मजदूरी देने के लिए तैयार हैं। दरअसल, कंगना रनौत ने मोहिंदर कौर को बिलकिस बानो समझ लिया था। बिलकिस शाहीन बाग में सीएए के विरोध का चेहरा रही थीं। मोहिंदर कौर ने याचिका में कहा कि कंगना ने उनकी तुलना किसी दूसरी महिला से की। उन्होंने कहा कि कंगना के ट्वीट से उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनकी छवि को ठेस पहुंची है। 
-एजेंसियां

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