झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में रांची पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल करीब 100 लोगों को नामजद करते हुए 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने देशव्यापी प्रदर्शन का एलान कर दिया है।
बताया गया कि विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प भी हुई। घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू करते हुए वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 
पुलिस के अनुसार प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और उपद्रव समेत अन्य आरोपों को शामिल किया गया है। नामजद आरोपियों के अलावा बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। 
अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी पुलिस
पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले में आगे और लोगों के नाम जोड़े जा सकते हैं। वहीं, छात्र संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। 
एबीवीपी ने की ये मांग
वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया है। एबीवीपी के संगठन महामंत्री ने कहा कि झारखंड के छात्रों के मुद्दे को लेकर देशभर के 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों और प्रत्येक जिले में प्रदर्शन किए जाएंगे।
एबीवीपी ने झारखंड सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। संगठन के महासचिव ने रांची में कहा कि यदि सरकार CBI जांच का आदेश नहीं देती है तो इससे यह संकेत जाएगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका भी इन कथित अनियमितताओं में हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी तीखा हमला बोला। एबीवीपी नेता ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन तानाशाही रवैया अपना रहे हैं और लोकतांत्रिक आवाजों को अलोकतांत्रिक तरीके से दबाने पर आमादा हैं। 
-Legend News

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