नई द‍िल्ली। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद, जेपी ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन जयप्रकाश गौड़ ने एक बेहद भावुक बयान जारी किया है. उन्होंने 1979 से शुरू हुए अपने सफर को याद करते हुए गौतम अदाणी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है.

जयप्रकाश गौड़ का बयान, '1979 से शुरू हुआ एक भावनात्मक सफर'
जेपी ग्रुप के फाउंडर जयप्रकाश गौड़ ने सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि जयप्रकाश एसोसिएट्स उनके लिए सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि 1979 से शुरू हुई एक लंबी और भावनात्मक यात्रा रही है. उन्होंने याद किया कि कैसे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उन्होंने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, जलविद्युत परियोजनाएं, सीमेंट प्लांट्स और जेपी विश टाउन जैसी बड़ी स्पोर्ट्स सिटी विकसित कीं.

देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बड़ी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के भविष्य को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई और इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया के बाद अब अदाणी ग्रुप आधिकारिक तौर पर इस कंपनी की कमान संभालने जा रहा है.

गौतम अदाणी के नेतृत्व पर जताया भरोसा और दी शुभकामनाएं
जयप्रकाश गौड़ ने अदाणी और वेदांता दोनों समूहों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि श्री गौतम अदाणी के नेतृत्व में कंपनी आगे बढ़ेगी और सभी हितधारकों चाहे वो घर खरीदार हों, कर्मचारी हों या बैंक उनकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी." उन्होंने अदाणी समूह को इस नई यात्रा के लिए दिल से शुभकामनाएं भी दी हैं.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अदाणी ग्रुप की बड़ी कानूनी जीत
अदाणी ग्रुप के लिए यह अधिग्रहण आसान नहीं था. वेदांता लिमिटेड ने अदाणी ग्रुप के ₹14,535 करोड़ के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता की याचिका पर सुनवाई करने या स्टे देने से साफ इनकार कर दिया. कोर्ट के इस फैसले से जेपी इंफ्राटेक और JAL पर अदाणी ग्रुप के कब्जे का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, कोर्ट ने एक सुरक्षा कवच भी दिया है कि मॉनिटरिंग कमेटी को कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला लेने से पहले NCLAT की अनुमति लेनी होगी.

NCLT और दिवाला प्रक्रिया का पूरा मामला
जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया 3 जून 2024 को NCLT, इलाहाबाद बेंच द्वारा शुरू की गई थी. कंपनी ने अपने कर्ज चुकाने में भारी चूक की थी, जिसके बाद यह कानूनी कार्रवाई शुरू हुई. कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने पहले ही अदाणी एंटरप्राइजेज की योजना को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी थी, जिसे बाद में NCLT ने भी वैध माना था. अब 10 अप्रैल से NCLAT इस मामले की अंतिम सुनवाई करेगा, जहां दोनों पक्ष अपने तर्क रखेंगे.

- Legend News

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