ईरान युद्ध के बीच क्या चीन ताइवान को निगलने की तैयारी कर रहा है? ये सवाल इसलिए क्योंकि अचानक कुछ संदिग्ध चीजें दिखने लगी हैं। चीन ने बिना कोई वजह बताए 40 दिनों के लिए समुद्र के ऊपर के हवाई क्षेत्र के बड़े हिस्से को बंद कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम असामान्य है क्योंकि आमतौर पर इस तरह की चेतावनियां कुछ ही दिनों तक चलने वाले छोटे सैन्य अभ्यासों से जुड़ी होती हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने सोमवार सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) तक अपने क्षेत्रीय जल के आसपास चीनी सैन्य विमानों की तीन फाइटर जेट्स, छह नौसैनिक जहाजों और दो सरकारी जहाजों के आने की जानकारी दी है। ये तीनों मध्य रेखा को पार करके ताइवान के उत्तरी और पूर्वी ADIZ (वायु रक्षा पहचान क्षेत्र) में प्रवेश कर गईं। 
चीन ने हवाई क्षेत्र बंद करने पर नहीं दी कोई जानकारी
बीजिंग ने इस इलाके में किसी भी तरह के युद्धाभ्यास का ऐलान नहीं किया है जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है। ये रिजर्व जोन ताइवान से सैकड़ों मील दूर हैं। आमतौर पर एयर शो या छोटे अभ्यासों के लिए 1-3 दिन का ब्लॉक होता है। 40 दिन का समय किसी बड़े पैमाने पर युद्ध अभ्यास या नई मिसाइल तकनीक के परीक्षण की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपनी 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' की युद्धक तैयारियों को परख रहा है। इस ब्लॉक का सीधा संबंध ताइवान स्ट्रेट या दक्षिण चीन सागर में शक्ति प्रदर्शन से हो सकता है। इसमें वायुसेना, नौसेना और मिसाइल फोर्स का संयुक्त अभ्यास शामिल हो सकता है, जिसे 'सर्फेस-टू-एयर' इंटरैक्शन कहते हैं। 
रिपोर्ट के मुताबिक ये अलर्ट 27 मार्च से 6 मई तक लागू रहेंगे और इन्हें "नोटिस टू एयर मिशन्स" (NOTAM) के तौर पर जारी किया गया है। इनका इस्तेमाल आम तौर पर पायलटों को हवाई क्षेत्र में अस्थायी पाबंदियों या खतरों के बारे में चेतावनी देने के लिए किया जाता है। हालांकि नागरिक उड्डयन में कोई रुकावट नहीं आई है लेकिन विमानों को इन प्रतिबंधित क्षेत्रों से गुजरने के लिए तालमेल बिठाना जरूरी होगा। ईरान युद्ध के बीच चीन के इस कदम पर दुनिया की नजर है। 
ताइवान के करीब पहुंचे चीनी युद्धपोत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में MND ने कहा "आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक ताइवान के आसपास PLA के विमानों की 3 उड़ानें, PLA नेवी के 6 युद्धपोत और 2 सरकारी जहाज देखे गए। इन 3 उड़ानों में से 3 ने मीडियन लाइन पार की और ताइवान के उत्तरी और पूर्वी हिस्से के ADIZ में प्रवेश किया। ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और जवाब दिया।" इससे पहले रविवार को ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने अपने आसपास चीन के छह सैन्य जहाजों और एक सरकारी जहाज की मौजूदगी का पता लगाया था। 
चीन और ताइवान के बीच क्या विवाद है?
आपको बता दें कि ताइवान पर चीन का दावा एक जटिल मुद्दा है जिसकी जड़ें ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों में हैं। बीजिंग का दावा है कि ताइवान चीन का एक अभिन्न अंग है। यह दृष्टिकोण उसकी राष्ट्रीय नीति में शामिल है और घरेलू कानूनों तथा अंतरराष्ट्रीय बयानों द्वारा समर्थित है। हालांकि ताइवान अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए है और अपनी सरकार, सेना तथा अर्थव्यवस्था के साथ स्वतंत्र रूप से काम करता है। यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के मुताबिक ताइवान की स्थिति अंतर्राष्ट्रीय बहस का एक अहम मुद्दा बनी हुई है। चीन ने 2027 तक ताइवान पर कब्जा करने का लक्ष्य रखा गया है। 
-Legend News

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