ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लेबनान पर हुए हमलों को अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम (सीजफायर) नियमों का उल्लंघन बताया और कहा कि इसके परिणाम की जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल की होगी। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “तत्काल ध्यान देने योग्य बात यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ संघर्षविराम सभी मोर्चों पर लागू होता है, जिसमें लेबनान भी शामिल है।” उन्होंने कहा, “किसी एक मोर्चे पर संघर्षविराम का उल्लंघन, सभी मोर्चों पर संघर्षविराम का उल्लंघन माना जाएगा।”
ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि संघर्षविराम के किसी भी उल्लंघन के परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी।
रविवार को ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे का ऐलान इजरायल की ओर से किया गया था। इसे रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है। कब्जा करने के बाद किले पर इजरायली झंडा भी फहराया गया। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे रणनीतिक जीत करार दिया था।
वहीं, सोमवार को इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह स्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले का आदेश आईडीएफ को दिया। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए कहा कि क्योंकि हिज्बुल्लाह ने संघर्ष विराम नियमों की अनदेखी की है और इजरायली इलाकों को निशाना बनाया है, इसलिए उसके ठिकानों को चुन-चुन कर नष्ट किया जाएगा।
इस आदेश के बाद से ही लेबनान में इजरायली हमले बढ़ गए हैं। आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के सात गांवों- हौमीन अल-फौका, बनाफौल, अरब सलीम, रौमीन, आज्जे, अर्की और जबा के लोगों को जबरदस्ती हटाने का ऑर्डर जारी किया गया।
सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता, अविचाय अद्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि लोगों को तुरंत उन इलाकों से कम से कम 1,000 मीटर (3,280 फीट) दूर चले जाना चाहिए क्योंकि इजरायल हमले की योजना बना रहा है।
खबर है कि दक्षिणी लेबनान के टायर शहर के पास शाम को कई जोरदार धमाके हुए। लेबनानी समाचार एजेंसी एनएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, टायर शहर के बाहर अल-हौश इलाके में एक बड़ा हमला हुआ। इसके कुछ ही देर बाद समुद्र किनारे के पास एक ड्रोन हमला भी किया गया।
-Legend News

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