ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ताजा स्थिति को लेकर भारत से अपना स्टैंड साफ किया है। ईरान ने कहा है कि उसने भारत समेत अपने सभी मित्र राष्ट्रों के लिए इस समुद्री मार्ग के इस्तेमाल को लेकर एक खास व्यवस्था तैयार कर ली है।
भारत जैसे मित्र राष्ट्रों के लिए होर्मुज में विशेष उपाय
भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने एएनआई से एक इंटरव्यू में कहा है कि इस समय होर्मुज सिर्फ उन देशों के लिए बंद है, जिसके साथ ईरान की लड़ाई चल रही है। 
होर्मुज जलडमरूमध्य सिर्फ दुश्मन देशों के लिए बंद 
ईरानी राजदूत के मुताबिक ईरान ने इंटरनेशनल शिपिंग रूट्स की सेफ्टी और सिक्योरिटी की अहमियत पर हमेशा जोर दिया है। हालांकि, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समु्द्र का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय और आंतरिक समुद्र का हिस्सा है। 
ईरान ने भारतीय जहाजों-टैंकरों को दी है अनुमति
पश्चिम एशिया युद्ध 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ था।
दो हफ्तों से ज्यादा वक्त तक एक भी भारतीय जहाज यहां से नहीं गुजर पाए।
धीरे-धीरे ईरान ने भारत समेत कुछ अन्य मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे की अनुमति देनी शुरू कर दी।
ईरान पश्चिम एशिया युद्ध में भारत की कूटनीति की काफी तारीफ की है।
फारस की खाड़ी में फंसे थे भारतीय जहाज
युद्ध शुरू होने के 38 दिनों में अबतक 16 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल चुके हैं।
ग्रीन आशा आठवां एलपीजी टैंकर है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर पाया है।
जग विक्रम भी वह ताजा जहाज है, जो एलपीजी गैस लेकर आ रहा है।
ये भारतीय जहाज युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में लंगर डाले खड़े हुए थे और कूटनीतिक समाधान के इंतजार में थे।
ईरान और ओमान एक होर्मुज प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं, जिसके लागू होने के साथ भारतीय जहाजों की होर्मुज से आवाजाही और आसान हो सकती है। 
-Legend News

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