इसराइल की ओर से हिज़्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह को मारे जाने के दावे के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का बयान आया है.
हिज़्बुल्लाह को वर्षों से ईरान सैन्य और वित्तीय दोनों तरह की मदद मुहैया कराता रहा है. हिज़्बुल्लाह को ईरान समर्थित गुट कहा जाता है.
हालांकि, ख़ामेनेई ने अपने बयान में हसन नसरल्लाह का ज़िक्र नहीं किया है.
ख़ामेनेई ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है कि "एक ओर लेबनान में निहत्थे लोगों की हत्या ने एक बार फिर उग्र ज़ायनिस्टों की बर्बर प्रवृत्ति को उजागर कर दिया है."
"दूसरी तरफ़, इन हमलों ने ये भी साबित कर दिया है कि इसराइली नेताओं की नीतियां कितनी अदूरदर्शी और मूर्खता से भरी हैं."
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने सभी मुसलमानों से लेबनान और हिज़्बुल्लाह के लोगों के साथ खड़े होने और "हड़पने वाले और दमनकारी शासन का सामना करने" में उनका समर्थन करने का भी आग्रह किया.
ख़ामेनेई ने कहा कि इसराइली "अपराधियों को पता होना चाहिए कि वे लेबनान में हिज़्बुल्लाह के गढ़ों को कोई खास नुकसान पहुंचाने के लिए बहुत छोटे हैं".
ख़ामेनेई ने आगे कहा,"इस क्षेत्र की सभी रेसिस्टेंस फोर्सेस हिज़्बुल्लाह का समर्थन करती हैं और उसके साथ खड़ी हैं. रेसिस्टेंस फोर्सेस हिज़्बुल्लाह के नेतृत्व में इस क्षेत्र की किस्मत तय करेंगी. "
ख़ामेनेई ने कहा, “लेबनान के लोग वो समय नहीं भूले हैं जब दमनकारी शासन के सैनिक बेरुत की तरफ़ बढ़ रहे थे और हिज़्बुल्लाह ने उन्हें रोका था. इस बार भी हड़पने वाले और दमनकारी दुश्मन को पछतावा होगा.” 
-Legend News

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