ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि ईरान पड़ोसी देशों को उस वक्त तक निशाना नहीं बनाएगा जब तक कि वहां की जमीन से हमला ना हो। ईरान की अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने इसको लेकर मंजूरी दे दी है कि अब पड़ोसी देशों पर हमला नहीं किया जाएगा जब तक कि ईरान पर हमला वहां से न हो। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इसकी जानकारी दी है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने पिछले दिनों पड़ोसी देशों पर किए गये हमलों के लिए माफी भी मांगी है।
ईरान के राष्ट्रपति के एलान के बाद कतर में लोगों के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा गया है जिसमें कहा गया कि अब सुरक्षा का खतरा खत्म हो गया है और स्थिति नॉर्मल हो गई है लेकिन तभी फिर से मिसाइल हमला हो गया। ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का ऐलान उस वक्त किया है जब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी। 
राष्ट्रपति के माफी मांगने के ठीक बाद कतर में हमला
अलजजीरा ने बताया है कि ईरान के राष्ट्रपति के माफी मांगने के ठीक बाद भी कतर की राजधानी दोहा में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसमें कहा गया है कि मिसाइल को जमीन पर गिरने से पहले इंटरसेप्ट कर लिया गया है। जबकि ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान का अब पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन दोहा में सिक्योरिटी अलार्म बज रहे हैं। 
फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है कि अधिकारियों के बीच हुए फैसलों की जानकारी जमीनी सेना को दी गई या नहीं। कतर के रक्षा मंत्रालय ने ईरानी मिसाइल हमले की पुष्टि की है। मंत्रालय ने कहा है कि सेना ने मिसाइल अटैक को इंटरसेप्ट किया जिसका टारगेट उनका देश था। हालांकि अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है कि कितनी मिसाइलें दागी गईं थीं और ये हमला किस टारगेट पर किया गया था।
ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा: पजेश्कियन
इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि उनका देश कभी सरेंडर नहीं करेगा। उन्होंने कहा है कि उनकी सेना इजरायल पर हमले जारी रखे हुई है। मसूद पेजेश्कियन ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि 'ईरान के बिना शर्त सरेंडर करने से पहले अमेरिका बातचीत नहीं करेगा।' देश के सरकारी चैनल पर बोलते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि "वे हमारे बिना शर्त सरेंडर के अपने सपनों को कब्र में ले जाएंगे।"
आपको बता दें कि एक हफ्ते पहले सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद से तीन लोगों की लीडरशिप काउंसिल तब तक सत्ता संभाल रही है जब तक कि उनके उत्तराधिकारी का नाम नहीं आ जाता। इनमें एक राष्ट्रपति पेजेश्कियन हैं जो उदारवादी विचारधारा के हैं लेकिन कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है। इस काउंसिल में ज्यूडिशियरी के कट्टरपंथी हेड गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई, और सीनियर मौलवी अलीरेज़ा अराफ़ी शामिल हैं। ये दोनों काफी उग्र विचारधारा के हैं। 
-Legend News

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