ईरान की न्यायपालिका ने कहा है कि इरफ़ान सुल्तानी को मौत की सज़ा नहीं दी गई है. सरकारी ईरानी ब्रॉडकास्टिंग एजेंसी ने न्यायपालिका के हवाले से बताया कि इरफ़ान सुल्तानी को 10 जनवरी को अशांति के दौरान गिरफ़्तार किया गया था. उन पर देश की आंतरिक सुरक्षा के ख़िलाफ़ जुटने और साज़िश रचने और शासन के ख़िलाफ़ प्रचार गतिविधियों के आरोप हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वह इस समय कराज सेंट्रल जेल में बंद हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक न्यायपालिका ने आगे कहा, अगर अभियोजन में उनके आरोप साबित होते हैं और सक्षम अदालत में क़ानूनी फैसला आता है, तो क़ानून में तय सज़ा जेल है. इन आरोपों के लिए क़ानून में मौत की सज़ा का प्रावधान ही नहीं है.
इससे पहले इरफ़ान सुल्तानी के एक रिश्तेदार ने बीबीसी फारसी से कहा था कि उन्हें सिर्फ दो दिनों के भीतर, अदालत ने मौत की सजा सुना दी थी.
परिवार को इस बारे में 14 जनवरी को ही बताया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान किसी भी प्रदर्शनकारी को फांसी की सज़ा देता है तो अमेरिका उसके ख़िलाफ़ 'बहुत कड़ी कार्रवाई' करेगा. 
-Legend News

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