दिल्ली सरकार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व आधिकारिक आवास से संबंधित सभी मामलों में हुई प्रगति का विवरण पेश करने को कहा है। पिछले हफ्ते पीडब्ल्यूडी के कई शीर्ष अधिकारियों और दिल्ली के मुख्य सचिव ने एक बैठक में सरकारी बंगले ''6 फ्लैगस्टाफ रोड'' से जुड़े सतर्कता और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामलों की स्थिति पर चर्चा की थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बंगले को ''शीशमहल'' करार दिया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान बंगले में रहे केजरीवाल ने इसके कायाकल्प और साज-सज्जा पर अत्यधिक राशि खर्च की थी।
मामले में कई अधिकारी हुए थे निलंबित 
अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन मामलों में पिछले एक साल में हुई प्रगति के साथ-साथ यह भी विवरण मांगा है कि निलंबित और सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की जा रही है या नहीं। 
पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जिनमें से कुछ सेवानिवृत्त हो गए हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) मामले की जांच कर रहा है। सरकार ने विस्तृत जानकारी मांगी है, जो हम उपलब्ध करा रहे हैं।
साल 2024 में केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और इस बंगले को खाली करने के बाद पीडब्ल्यूडी ने इसके आंतरिक हिस्से का विस्तृत ऑडिट किया था। साल 2022 में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर सतर्कता विभाग ने बंगले के कायाकल्प और साज-सज्जा के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं और लागत में वृद्धि की जांच शुरू की थी।
बाद में 2024 में इसमें शामिल पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई और कुछ को निलंबित कर दिया गया। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है, जिसने विपक्ष के पूर्व नेता और वर्तमान में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के बाद यह मामला अपने हाथ में लिया था। 
-Legend News

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