रिपोर्ट : LegendNews
पीओके में पाकिस्तानी बर्बरता और मानवाधिकार हनन का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ले संज्ञान: भारत
पाकिस्तान की सरकार और सेना का अपने ही लोगों पर गोलियां बरसाना और उनका दमन करना कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से 30 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतारे जाने की खबरें आई हैं। भारत ने पाकिस्तान की इस बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और संबंधित मुद्दों पर भारत की चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा फैलाई जा रही फर्जी खबरों और वीडियो के पैटर्न पर भारत की पैनी नजर है। रणधीर जायसवाल ने इसे पाकिस्तान की अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकारों के हनन से ध्यान भटकाने का एक हताश प्रयास बताया।
उम्मीद है अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को ठहराएगा जवाबदेह: भारत
रणधीर जायसवाल ने पीओके में पुलिसिया बर्बरता की रिपोर्टों का जिक्र किया, जिसमें कई लोगों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की सूचना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कुकर्मों और दुर्व्यवहारों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा फैलाया जा रहा दुष्प्रचार, क्षेत्र में उसकी अपनी समस्याओं और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान हटाने के लिए एक सुनियोजित चाल है। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान पर जवाबदेही तय करने का आग्रह कर रहा है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले पूरे जम्मू-कश्मीर में फैला प्रदर्शन
पाकिस्तानी सेना ने कुछ दिनों पहले अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी। इस गोलाबारी में कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। हालांकि, अब तक मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी की घटना का बचाव करते हुए दावा किया कि उन पर संकरी गलियों से हथियारों और पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई शुरू की। पाकिस्तान ने इस प्रदर्शन की आवाज को दबाने की कोशिश में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया। इसके बावजूद मीरपुर, मुजफ्फरबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान, दादियाल, रावलकोट, सुधनोती और तत्तापानी में विरोध प्रदर्शन फैल गए हैं।
पाकिस्तान की बर्बरता के खिलाफ ब्रिटेन में प्रदर्शन
पाकिस्तान के इस बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ब्रिटेन तक भी पहुंच गए हैं। ब्रिटेन में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर कश्मीरी प्रवासियों ने इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, इस घटना के बाद 50 ब्रिटिश सांसदों ने ब्रिटेन की सरकार को पत्र लिखकर हालात को शांत करने और हिंसा की जगह शांतिपूर्ण समाधान के लिए सक्रिय रूप से बातचीत करने का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि पाकिस्तानी सत्ता के खिलाफ विरोध समूहों के लगातार लामबंद होने से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे पीओके में प्रदर्शनकारियों द्वारा नियोजित लंबी पदयात्रा को रोक देंगे, जबकि आयोजकों ने प्रदर्शन को जारी रखने का संकल्प लिया है।
बांग्लादेश के साथ चल रही बातचीत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "बांग्लादेश सीमा रक्षक बल और बीएसएफ के महानिदेशक स्तर की बैठक चल रही है। यह भारत और बांग्लादेश के बीच प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक द्विपक्षीय बैठक है।" बता दें कि बांग्लादेश की सीमा पर जारी बाड़बंदी को लेकर दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच छिटपुट झड़प की खबरें सामने आई हैं।
-Legend News

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