मथुरा। विकलांग सहायता संस्था, मथुरा के श्रीकृष्ण नेत्र संग्रह केंद्र के माध्यम से 95 वर्षीय स्वर्गीय श्रीमती सरोज देवी के निधन के उपरांत उनके नेत्रदान का संकल्प सफलतापूर्वक पूर्ण कराया गया। इस पुनीत कार्य से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी पहुंचने की उम्मीद जगी है। यह प्रेरणादायी पहल समाज को मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा का सशक्त संदेश देती है।सहयोगी संस्था डॉ. श्रॉफ आई चैरिटी हॉस्पिटल एवं ब्रज हेल्थ केयर, वृंदावन के निदेशक डॉ. अशोक अग्रवाल के निर्देशन में संस्था के उपाध्यक्ष प्रेमशंकर अग्रवाल, कार्यालय प्रमुख कुलदीप शर्मा तथा टीम सदस्य रोशन सिंह ने सीपी मैसी डॉ  सुफियान दानिश के साथ स्वर्गीय सरोज देवी के परिजन अरुण भारद्वाज के निजी निवास राधाकृष्ण वाटिका, बिरला मंदिर, मथुरा पहुंचकर नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया विधिवत संपन्न कराई। इस अवसर पर श्री वामन भगवान महोत्सव समिति के संस्थापक श्याम शर्मा ने कहा कि नेत्रदान महादान  केवल एक नारा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिबाधित लोगों को नई दृष्टि मिल सकती है। प्रत्येक नागरिक को मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि यह ऐसा महादान है जो किसी के जीवन में स्थायी प्रकाश भर सकता है। उन्होंने समाज से अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
इसके पश्चात समिति के महामंत्री अर्जुन पंडित ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती सरोज देवी का नेत्रदान समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। ऐसे प्रेरक कार्य लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति नेत्रदान का संकल्प ले, तो हजारों दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में समिति के पदाधिकारियों एवं उपस्थित जनों ने स्वर्गीय श्रीमती सरोज देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों के इस मानवीय एवं प्रेरणादायी निर्णय की सराहना की। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल समाज में नेत्रदान के प्रति जनजागरण का प्रभावी माध्यम बनेगी और अधिक से अधिक लोगों को मानव सेवा के इस महादान के लिए प्रेरित करेगी।

- Legend News

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