भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को आधिकारिक तौर पर 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल द फर्स्ट-कॉल्ड' से नवाजे जाएंगे। ये रूस का सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है, 2019 में रूस ने उनको इस सम्मान को देने का ऐलान किया था। यह पुरस्कार रूस और भारत के बीच एक विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी विकसित करने और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने के पीएम मोदी के विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया है। इस पुरस्कार की अहमियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ये 326 साल पुराना है। 1698 में जार पीटर द ग्रेट ने रूस के संरक्षक संत सेंट एंड्रयू के सम्मान में 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' को शुरू किया था। 
'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' मूल रूप से उत्कृष्ट नागरिक और सैन्य योग्यता के सम्मान और देश कीअसाधारण सेवा के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के प्रतीक चिन्ह में एक नीला सैश, सेंट एंड्रयू के क्रॉस वाला एक बैज और छाती पर पहना जाने वाला एक सितारा शामिल होता है। बैज सेंट एंड्रयू का एक सुनहरा क्रॉस है, जिसमें एक एक्स-आकार के क्रॉस पर यीशु की छवि है। 1917 में रूसी क्रांति के बाद इस पुरस्कार को समाप्त कर दिया गया था लेकिन सोवियत काल के बाद इसे फिर से शुरू किया गया। 
2019 में मोदी ने किया था रूस का दौरा
रूस में, सेंट एंड्रयू द एपोस्टल राष्ट्रपति के हाथों से राष्ट्र के लिए असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है, जो सर्वोच्च राज्य अलंकरण के रूप में अपनी ऐतिहासिक परंपरा को कायम रखता है। 2019 में पीएम मोदी को इसे देने की घोषणा की गई थी। भारत में रूसी दूतावास ने अप्रैल 2019 में इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को रूस और भारत के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी और रूसी और भारतीय लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने में असाधारण सेवाओं के लिए सेंट एंड्रयू द एपोस्टल के आदेश से सम्मानित किया गया। रूसी राष्ट्रपति ने तब एक्स पर कहा था, 'भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू मिला है।' 
इस अवार्ड की घोषणा पर पीएम मोदी ने कहा था कि वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुतिन को धन्यवाद देते हुए कहा था कि भारत-रूस मित्रता की नींव गहरी है और हमारी साझेदारी का भविष्य उज्ज्वल है। पीएम मोदी ने 2019 मे रूस की यात्रा की थी तो पूर्वी बंदरगाह व्लादिवोस्तोक में पुतिन से मुलाकात की थी।
-Legend News

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