यमन के तट के पास एक प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने के बाद भारतीय झंडे वाला एक जहाज़ पलट गया और डूब गया. भारत के जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एमएसवी फैज़ नूरे ओलिया पर सवार सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. इनमें 13 भारतीय नागरिक थे.
सोनोवाल ने इस 'बिना उकसावे के किए गए हमले' की निंदा की और कहा कि क्षेत्र में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे.
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज़ पर हमला किसने किया. लेकिन सऊदी समर्थित यमनी सरकार ने इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों पर आरोप लगाए हैं. 
यह लाल सागर में जहाज़ों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी में ताज़ा मामला है. इसी साल फ़रवरी में ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद किए जाने के बाद कुछ टैंकर इस वैकल्पिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं. 
बाद में भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर क्षेत्र में कमर्शियल जहाज़ों पर हो रहे हमलों को 'गहरी चिंता का विषय' बताया.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "क्षेत्र में कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त और निर्बाध नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए." 
यमनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
सऊदी समर्थित यमन सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, यह हमला हूती आतंकवादी मिलिशिया की लगातार जारी आपराधिक गतिविधियों और हमलों की कड़ी का हिस्सा है. 
"इन गतिविधियों में शहरों को निशाना बनाना, हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों पर बमबारी करना, निर्यात बाधित करना और यमन के लोगों को आय के महत्वपूर्ण स्रोतों से वंचित करना शामिल है.
मंत्रालय के अनुसार इससे हूती तख्तापलट के कारण पैदा हुई मानवीय त्रासदी और गंभीर हो गई है.
हूती समूह लाल सागर, बाब अल-मंदब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी में बंदरगाहों और समुद्री नौवहन के लिए भी ख़तरा पैदा कर रहा है. साथ ही वह आर्थिक और व्यापारिक हितों को भी ऐसे तरीके से प्रभावित कर रहा है जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता कमज़ोर पड़ रही है.
फ़रवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद से क्षेत्र के कई समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं.
इसके बाद ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है. इसका वैश्विक तेल क़ीमतों पर बड़ा असर पड़ा है.
सऊदी अरब से तेल लेकर आने वाले कुछ जहाज़ लाल सागर के वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे, लेकिन हाल में यमन के हूती लड़ाकों द्वारा सऊदी टैंकरों पर किए गए हमलों ने क्षेत्र में जोखिम और बढ़ा दिया है. 
-Legend News

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