रिपोर्ट : LegendNews
महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 को लेकर काफी उत्साहित हैं भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स
भारतीय महिला टीम की स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स आगामी आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 को लेकर काफी उत्साहित हैं। पहली बार आयोजित होने जा रहे इस टूर्नामेंट को लेकर जेमिमा ने कहा कि उनके लिए माइंडसेट में कोई बदलाव नहीं होगा और हमेशा की तरह टीम को जीत दिलाना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी।
क्या बोलीं जेमिमा?
महिला क्रिकेट की पहली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 14 से 28 फरवरी 2027 तक श्रीलंका में खेली जाएगी। जेमिमा ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा कि टीम ने एक बार सफलता का स्वाद चख लिया है और अब खिलाड़ी लगातार शीर्ष पर बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'हमने एक बार सफलता का स्वाद चखा है और जानते हैं कि शीर्ष पर रहना कैसा महसूस होता है। जितना ज्यादा आप इसका स्वाद चखते हैं, उतना ही ज्यादा वहां बने रहने की इच्छा होती है। हमारी टीम उसी दिशा में काम कर रही है और चैंपियंस ट्रॉफी बेहद खास होने वाली है।'
जेमिमा ने पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने को अपने लिए भी खास बताया। उन्होंने कहा, 'यह महिला क्रिकेट में पहली बार हो रहा है और मैं भी पहली बार इसका हिस्सा बनूंगी। यह काफी खास होगा और मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। माइंडसेट की बात करें तो कुछ नहीं बदलता। आखिर में बात टीम की होती है और टीम को कैसे जिताना है, यही हमेशा हमारी सोच रहती है।'
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज को लेकर भी उत्साहित
चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारतीय टीम दिसंबर 2026 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएगी, जहां दोनों टीमों के बीच बहु-प्रारूप द्विपक्षीय सीरीज खेली जाएगी। जेमिमा ने इस सीरीज को बेहद प्रतिस्पर्धी बताया। उन्होंने कहा, 'यह निश्चित रूप से बेहद रोमांचक सीरीज होने वाली है। दोनों टीमें काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। हाल के समय में हमारे बीच काफी प्रतिद्वंद्विता रही है और हमने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कई मैच खेले हैं। दुनिया की दो शीर्ष टीमों का दक्षिण अफ्रीका में आमना-सामना होना शानदार चुनौती होगी और हम इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।'
द हंड्रेड से मिला परिस्थितियों के अनुसार ढलने का सबक
जेमिमा का द हंड्रेड 2026 अभियान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण समय से पहले समाप्त हो गया। हालांकि, उन्होंने टूर्नामेंट में सदर्न ब्रेव को प्लेऑफ में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और दो मुकाबलों में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी जीता।
महिला एशिया कप के लिए फिटनेस हासिल करने की दौड़ में शामिल जेमिमा ने द हंड्रेड के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि इस साल अलग-अलग पिचों और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सबसे बड़ी चुनौती रही। उन्होंने कहा, 'यह साल वास्तव में चुनौतीपूर्ण रहा। अलग-अलग पिचों और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना जरूरी था। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार पिचें काफी मुश्किल और थोड़ी धीमी थीं। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल में बदलाव करना जरूरी था, क्योंकि इस साल बहुत ज्यादा बड़े स्कोर देखने को नहीं मिले।'
जेमिमा के मुताबिक ज्यादातर मुकाबलों में 120-130 रन के आसपास के स्कोर देखने को मिले। ऐसे में बल्लेबाजों को यह समझना जरूरी था कि किसी परिस्थिति में कौन सा स्कोर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा, 'लक्ष्य का पीछा करते समय भी आपको अपने जोखिम लेने को लेकर काफी गणनात्मक होना पड़ता है। यही मेरे लिए सबसे बड़ी सीख रही। इस अनुभव से काफी कुछ सीखने को मिला और यह शानदार अनुभव रहा।'
-Legend News

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