रिपोर्ट : LegendNews
साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से लिया संन्यास, घुटने की समस्या बनी वजह
नई दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया कि घुटने के दर्द के कारण अब उनके लिए खेलना संभव नहीं रह गया है। साइना आखिरी बार जून 2023 में सिंगापुर ओपन में खेली थीं।
35 वर्ष की साइना ने एक पॉडकास्ट में कहा, 'मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपनी शर्तों पर खेलना शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही छोड़ा। इसलिए मुझे घोषणा जरूरी नहीं लगी।'
गठिया और घुटनों की समस्या बनी वजह साइना के मुताबिक उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है।
उन्होंने कहा, 'जब आप खेल ही नहीं पा रहे तो वहीं रुक जाना चाहिए। मैं पहले दिन में 8–9 घंटे ट्रेनिंग करती थी, लेकिन अब मेरे घुटने 1-2 घंटे में ही जवाब दे देते हैं। इसके बाद सूजन आ जाती है। इसलिए मैंने सोचा कि अब बहुत हो गया। मैं अब अपना करियर और नहीं खींच सकती।’
चोट के बाद शानदार वापसी साइना का करियर रियो ओलिंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की चोट से काफी प्रभावित हुआ। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज और कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीतकर शानदार वापसी की।
साइना के घुटने की समस्या बार-बार उभरती रही। 2024 में साइना ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि वे आर्थराइटिस से परेशान हैं। कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है, जिससे शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया है।
ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 साइना ने लंदन ओलिंपिक-2012 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। वे ओलिंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने 3 ओलिंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकीं साइना ने 2008 में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतकर पहली बार सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने उसी साल पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया। वे ओलिंपिक क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। साइना 2009 में BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। इसके बाद 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।
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