रिपोर्ट : LegendNews
डीलिमिटेशन बिल पर पाकिस्तान की टिप्पणी का भारत ने दिया तीखा जवाब
भारत ने पाकिस्तान की ओर से डीलिमिटेशन बिल पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे आंतरिक मामला बताया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान की टिप्पणी से जुड़े एक सवाल पर कहा, भारत के आंतरिक मामले, भारत के आंतरिक मामले हैं. हम उनमें दखल देने या इस तरह की कोई टिप्पणी करने की किसी भी कोशिश को ख़ारिज करते हैं.
दरअसल, गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र करते हुए भारतीय संसद में पेश हुए डीलिमिटेशन बिल पर टिप्पणी की थी.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा था, भारतीय संसद में परिसीमन विधेयक 2024 पेश किया गया है. हम जम्मू-कश्मीर में भारत की तथाकथित परिसीमन प्रक्रिया को पूरी तरह ख़ारिज करते हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर से जुड़े किसी भी प्रावधान को भी शामिल किया गया है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत की परिसीमन प्रक्रिया को 'ग़ैर-क़ानूनी और राजनीतिक दिखावा' बताते हुए कहा था, हम ऐसे क़दमों को उकसाने वाला, ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का साफ़ उल्लंघन मानते हैं.
शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल पर क्या कहा
रणधीर जायसवाल ने कहा, "एक अनुरोध पर विचार किया जा रहा है. यह जारी न्यायिक और आंतरिक क़ानूनी प्रक्रियाओं का हिस्सा है. हम इस मुद्दे पर सभी पक्षों के साथ सार्थक बातचीत जारी रखेंगे. हम सभी घटनाक्रमों पर बहुत क़रीब से नज़र रख रहे हैं."
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री की हाल में हुई भारत यात्रा का ज़िक्र किया और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयानों पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा, मैं यह भी कहना चाहूंगा कि विदेश मंत्री ने बांग्लादेश की नई सरकार के साथ सार्थक मेलजोल बढ़ाने और साझेदारी को और मज़बूत करने की भारत की इच्छा दोहराई है.
दोनों पक्षों ने साझेदारी को बढ़ाने के प्रस्तावों पर विचार करने पर सहमति जताई है. दोनों पक्षों के साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत के लिए आधिकारिक बैठकें जल्द होने की उम्मीद है.
साल 2024 में बांग्लादेश में हुए सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद अगस्त महीने में शेख़ हसीना को अपनी सरकार गंवानी पड़ी थी और तब से वह भारत में रह रही हैं.
इसके बाद की अंतरिम सरकार ने भी भारत से शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी.
-Legend News

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