नई द‍िल्ली। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई के 4.45 फीसदी से बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि खाने-पीने की चीजों की कीमतों और कंज्यूमर बास्केट (उपभोक्ता टोकरी) के अन्य अहम कंपोनेंट्स ने इकोनॉमी पर दबाव डाला. ताजा आंकड़े बताते हैं कि साल की पहली छमाही में महंगाई दर के काफी हद तक कम रहने के बाद अब कीमतों का दबाव बढ़ने लगा है. अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स पोल में इस महीने के लिए खुदरा महंगाई दर 4.80 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था, जिसमें अनुमान 4.40 फीसदी से 5.05 फीसदी के बीच थे.

जुलाई के ये आंकड़े तब आए हैं जब जून में खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम-अवधि के लक्ष्य से ऊपर चली गई थी. जून में यह मई के 3.93 फीसदी से बढ़कर 4.38 फीसदी हो गई थी. अगस्त की महंगाई दर उस समय के बाद से सबसे ज्यादा है जब से भारत ने इस साल की शुरुआत में नए बेस ईयर और अपडेटेड कंजम्पशन बास्केट के साथ अपनी रिवाइज्ड CPI सीरीज अपनाई है. RBI को वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए हेडलाइन खुदरा महंगाई दर को 5 फीसदी पर बनाए रखने का काम सौंपा गया है.

- Legend News

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