नागोया/ जापान। भारत की पुरुष हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है. टीम इंडिया ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से आसान जीत दर्ज की. यह एशियन गेम्स के इतिहास में कुल पांचवीं बार है जब भारत ने पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीता है. मलेशिया की ओर से सिर्फ एक गोल हुआ, जो शेलो सिल्वेरियस ने किया, जबकि भारतीय टीम ने लगातार मलेशियाई खिलाड़ियों को गलती करने पर मजबूर किया और मैच में कुल 14 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए.

इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ओलंपिक्स 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है. पहले 15 मिनट में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही और पहला क्वार्टर 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ. उसके बाद तो जैसे मलेशिया मुकाबले में टिक ही नहीं पाया. दूसरे हाफ में भारत ने एक-एक गोल किया, जबकि मलेशिया गोल करने को तरस रहा था. भारत के लिए शिलानंद लाकड़ा ने एकमात्र फील्ड गोल किया. हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से 2 और जुगराज सिंह ने भी पेनल्टी कॉर्नर से एक गोल दागा. एक गोल हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर दागा.

पहले हाफ तक भारतीय टीम ने 2-1 की बढ़त बनाई हुई थी. वहीं दूसरे हाफ में टीम इंडिया की ओर से कुल 3 गोल हुए. यह इतिहास में पहली बार है जब भारत ने लगातार 2 बार एशियन गेम्स में मेंस हॉकी में गोल्ड मेडल जीता है. भारत से पहले सिर्फ पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया ही अपना एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक डिफेंड कर पाए थे.

मलेशिया को सिल्वर, पाकिस्तान जीता ब्रॉन्ज
फाइनल में भारतीय टीम के हाथों 1-5 से हारने वाली मलेशियाई टीम ने सिल्वर मेडल जीता है. पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था. बता दें कि मेंस हॉकी में पाकिस्तान एशियन गेम्स की सबसे सफल टीम है, जिसने 8 बार गोल्ड मेडल जीता है. जबकि भारत और दक्षिण कोरिया 5-5 बार चैंपियन बने हैं.

चौथे स्थान पर आया भारत
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के गोल्ड मेडल के बाद भारत के 21 गोल्ड सहित कुल 85 पदक हो गए हैं. इसी के साथ मेडल टेबल में भारत, उज्बेकिस्तान को पछाड़ कर चौथे स्थान पर आ गया है. उज्बेकिस्तान ने भी 21 ही गोल्ड जीते हैं, लेकिन वह कुल पदक और सिल्वर मेडल जीतने में भारत से पीछे है. 
- Legend News
 

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