रिपोर्ट : LegendNews
भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 7% या उससे ज्यादा रफ्तार से बढ़ेगी: नागेश्वरन
देश की इकॉनमी इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में 8.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 7% या उससे ज्यादा रफ्तार से बढ़ेगी और 4 ट्रिलियन डॉलर के पार निकल जाएगी। यह अनुमान आर्थिक सर्वेक्षण में बताए गए 6.3-6.8% के अनुमान से ज्यादा है। आर्थिक सर्वेक्षण बजट से पहले संसद में पेश किया गया था।
नागेश्वरन ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़े जारी होने के बाद कहा, "वित्त वर्ष की पहली छमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8% रही है। अब हम आराम से कह सकते हैं कि पूरे साल की वृद्धि 7% या उससे ज्यादा होगी, न कि उससे कम।" उन्होंने कहा कि कृषि, विनिर्माण और सेवा जैसे सभी क्षेत्रों में यह तेजी बनी रहने की उम्मीद है। इसकी वजह अच्छी फसल, ग्रामीण और शहरी इलाकों में मज़बूत मांग, कम महंगाई और टैक्स में कटौती का असर है।
ट्रैक्टरों की रेकॉर्ड बिक्री
नागेश्वरन ने एक प्रेजेंटेशन में बताया, "कीमतों में सुधार और टैक्स सुधारों से लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे निकट भविष्य में खपत बढ़ने की उम्मीद है। कंपनियों की मज़बूत बैलेंस शीट 2025-26 की दूसरी छमाही में निजी निवेश को बनाए रखने में मदद करेगी। स्थिर महंगाई, लगातार सरकारी पूंजीगत व्यय और सुधारों की रफ्तार मिलकर अर्थव्यवस्था को जोखिमों से निपटने के लिए तैयार करती है, जैसा कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा 2025-26 के जीडीपी वृद्धि अनुमानों में बढ़ोतरी से पता चलता है।"
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) की शुरुआत अच्छी रही है। उन्होंने ई-वे बिलों के बनने, नॉन-फूड क्रेडिट में तेजी, ऊर्जा की खपत और माल ढुलाई में वृद्धि जैसे संकेतकों की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि अच्छी फसल के कारण ग्रामीण इलाकों में इनकम बढ़ने से वहां की खपत लगातार मजबूत हो रही है। अक्टूबर 2025 में ट्रैक्टरों की बिक्री पिछले 11 साल में किसी भी महीने के मुकाबले सबसे ज्यादा रही। इसका कारण अच्छा मॉनसून, ग्रामीण इलाकों में बेहतर माहौल, त्योहारी मांग और हाल ही में जीएसटी दरों में की गई कटौती है।
अनुकूल माहौल
उन्होंने बताया कि अक्टूबर में दोपहिया और तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई। कीमतों की स्थिति पर नागेश्वरन ने कहा कि मुख्य महंगाई स्थिर बनी हुई है। साथ ही, समय पर रबी की बुवाई और जलाशयों में पानी का अच्छा स्तर खाद्य आपूर्ति के अनुकूल माहौल का संकेत दे रहा है। हाल ही में लागू किए गए नए श्रम कानून भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स और मजबूत उद्योगों के निर्माण में मदद करेंगे।
-Legend News

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