दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की हालिया 0-2 से हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर आलोचकों के निशाने पर हैं। सौरव गांगुली और हरभजन सिंह जैसे क्रिकेटर्स पहले ही उनकी रणनीति पर सवाल खड़े कर चुके हैं। इस बीच पूर्व विश्व कप विजेता भारतीय कप्तान कपिल देव ने रिएलिटी चैक दिया है। उन्होंने कहा कि टीम में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज नहीं हैं, जिन्हें विकेट पर टिककर खेलने की आदत थी। 
दक्षिण अफ्रीका ने किया क्लीन स्वीप
गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रनों से करारी हार मिली, जिसके साथ दक्षिण अफ्रीका ने दो मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप किया। यह भारत में उनकी 25 साल बाद पहली टेस्ट सीरीज जीत है। इससे पहले कोलकाता में खेले गए शुरुआती टेस्ट में मेहमान टीम ने भारत को 30 रनों से हराया था। लगातार दो हारों के बाद टीम के प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर आलोचनाएं तेज हो गईं। 
कपिल देव ने दिया रिएलिटी चैक
स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कपिल देव ने कहा, 'हम टी20 और वनडे में ज्यादा व्यस्त रहते हैं, जिसका मतलब है कि बल्लेबाजी को बॉलर-फ्रेंडली पिचों का सामना मुश्किल से ही करना पड़ता है। स्पिन और सीम को बहुत मदद देने वाली पिचों पर, आपको आगे बढ़ने के लिए सब्र और अलग तरह की स्किल्स की जरूरत होती है। एक बार जब आप उन पिचों पर खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो आपका माइंडसेट इस बात पर असर डालता है कि आप उनसे कैसे निपटते हैं। आपके पास राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज नहीं हैं, जो विकेट पर टिके रहना जानते थे। टेस्ट में बल्लेबाजी का मतलब है बीच में टिके रहना।
उन्होंने आगे कहा, पेस खेलने के बजाय स्पिन से निपटने के लिए आपको बेहतर स्किल्स की जरूरत होती है, लेकिन यह पिच की हालत पर निर्भर करता है। अगर टर्न या बाउंस बहुत ज्यादा है, तो यह बहुत मुश्किल हो जाता है। याद रखें, फुटवर्क एक जरूरी रोल निभाता है। अगर आपका नेचर ऋषभ पंत की तरह जाकर हिट करने का है, तो यह अलग है। आप पंत से डिफेंड करने के लिए नहीं कह सकते। वह एक असली मैच-विनर है। वह जाकर बॉल को हिट करेगा। वह 20 बनाने के लिए 100 बॉल नहीं खेलेगा। जब वह छक्का मारता है, तो हम सब गदगद हो जाते हैं। क्या आप उसे छक्का न मारने के लिए कहते हैं? वह एक ऐसा बैटर है जो विरोधी टीम को ध्वस्त कर सकता है। 
गंभीर की देखरेख में भारत का टेस्ट में प्रदर्शन
गंभीर की देखरेख में भारत ने अब तक छह टेस्ट सीरीज खेली हैं। बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में टीम ने 2-0 से जीत हासिल की, लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड ने भारत को घर में ही 0-3 से क्लीन स्वीप कर दिया, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बेहद दुर्लभ घटनाओं में से एक है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम को 3-1 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि इंग्लैंड में खेली गई पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर रही। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज भारत ने 2-0 से जीती, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया घरेलू मुकाबलों में 0-2 की हार ने टीम की कमियों को फिर उजागर कर दिया। यह दूसरी बार है जब गंभीर के कार्यकाल में भारत को घर में किसी टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा है। 
-Legend News

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