न्यूजीलैंड के एक पत्रकार ने सवाल उठाया कि पीएम मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव रुद्रेंद्र टंडन ने शानदार जवाब देकर पत्रकार की बोलती बंद कर दी. 
पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने कहा- भारतीय वोटर अपने नेताओं से बिना किसी तीसरे पक्ष के सीधे जुड़ना पसंद करते हैं और पीएम मोदी ने इस कला में महारत हासिल की है.
रेडिएटर के बिना सीधे जनता से संवाद: टंडन
राजनयिक रुद्रेंद्र टंडन ने कहा, मैं एक सरकारी अधिकारी हूं, इसलिए मेरे लिए प्रधानमंत्री के राजनीतिक तौर-तरीकों पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा. लेकिन भारतीय राजनीति के संदर्भ में देखें, तो हमारे देश के वोटर सीधे संपर्क को पसंद करते हैं. पीएम मोदी एक आदर्श भारतीय राजनेता हैं, जो मतदाताओं से सीधे जुड़ते हैं. उन्हें यह पसंद नहीं कि कोई उन्हें नीचा दिखाए या वे किसी रेडिएटर के जरिए बात करें. जनता से सीधे जुड़ने की इसी खूबी के कारण देश के वोटरों ने उन्हें लगातार तीसरी बार चुना है और वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक बन चुके हैं. 
नॉर्वे में भी उठा था ऐसा ही सवाल
इससे पहले 2026 के मई महीने में जब पीएम मोदी नॉर्वे के ओस्लो गए थे, तब वहां की एक पत्रकार हेले लिंग ने उनके निकलते समय आवाज देकर पूछा था कि वे पत्रकारों के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते. उस समय इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी.
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर क्या बोले विदेश मंत्रालय के सचिव
विदेश मंत्रालय ने सचिव रुद्रेंद्र टंडन ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बारे में जानकारी दी. भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर हुए थे. टंडन ने बताया कि न्यूजीलैंड में इस समझौते को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वहां की संसद में कानून पास करने के लिए तीन बार रीडिंग होता है, जिसमें से पहली बार का रीडिंग पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे बताया- न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया है कि इस समझौते को वहां की सभी राजनीतिक पार्टियों का साथ हासिल है, इसलिए इसे बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा.
20 अरब डॉलर का निवेश: पेनल्टी नहीं, पार्टनरशिप पर जोर
न्यूजीलैंड द्वारा भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की सुविधा देने पर टंडन ने कहा कि भारत किसी भी देश पर जबरन निवेश का दबाव या पेनल्टी (जुर्माना) नहीं लगा रहा है. पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के बिजनेस समुदाय को संदेश दिया है कि भारत एक बहुत बड़ा बाजार है और यहां बड़े सुधार हो रहे हैं. यह सिर्फ पैसा निवेश करने का न्योता नहीं है, बल्कि भारत के साथ एक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक साझेदारी बनाने का एक शानदार मौका है. 
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).